दशहरा के दिन अपराजिता के फूलों से करें ये विशेष उपाय, बढ़ेंगे धन लाभ के अवसर
दशहरा का त्योहार देशभर में 12 अक्टूबर को मनाया जा रहा हैं यह दिन बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाया जाता हैं।जीवन में खुशहाली लाने के लिए आप कुछ उपाय में से एक खास तरह का अपराजिता के फूल से उपाय कर सकते है।
- Written By: दीपिका पाल
दशहरा पर अपराजिता के फूल के उपाय करें (सौ. डिजाइन फोटो)
Dussehra 2024 Upay: दशहरा का त्योहार देशभर में 12 अक्टूबर को मनाया जा रहा हैं यह दिन बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाया जाता हैं। इस मौके पर विधि-विधान के साथ पूजा का महत्व होता हैं तो वहीं पर पूजा को सफल बनाने के साथ जीवन में खुशहाली लाने के लिए आप कुछ उपाय में से एक खास तरह का अपराजिता के फूल से उपाय कर सकते है। इस बार दशहरा के दिन आप अपराजिता के फूल उपाय करते हैें तो सुख-समृद्धि बढ़ती है। चलिए जानते हैं अपराजिता के फूल के उपाय करने की क्या विधि होती है।
दशहरा के दिन अपराजिता के फूल की पूजा की विधि
दशहरा के दिन अपराजिता के फूल की पूजा करने का महत्व होता हैं इसके लिए आप सही प्रक्रिया को अपनाएं तो लाभ होता है..
1-पूजा की प्रक्रिया में पहले मंत्र का उच्चारण करें, फिर अपराजिता देवी से प्रार्थना करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
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2- इसके साथ ही कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, भोग और घी का दीपक जलाना न भूलें।
3-पूजा के समापन पर देवी मां से निवेदन करें कि वे अपने स्थान पर लौटें।
4- इस प्रकार करने से आपके और आपके परिवार के कल्याण में वृद्धि होगी।
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अपराजिता के फूल की पूजा का महत्व
अगर आप दशहरा के दिन अपराजिता के फूल की पूजा करते हैं तो इस दिन शुभ फल मिलते है। कहते हैं कि, अपराजिता की पूजा करने से सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है. जो कार्य रुके हुए थे, वे सुचारू रूप से चलने लगते हैं. इसके अतिरिक्त, घर से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है.
कब मनाया जा रहा है दशहरा का त्योहार
यहां पर 12 अक्टूबर को दशमी तिथि के दिन दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा हैं यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं इस दिन को मनाने के पीछे की वजह भगवान श्रीराम ने अधर्म का नाश करने के लिए लंकापति रावण का वध किया था इस दिन को हर साल मनाया जाता है इसका महत्व भी अलग-अलग होता है। दशहरा के नियम के बारे में जानना जरूरी है।
