शिवलिंग की स्थापना में रखें ध्यान (सौ.सोशल मीडिया)
भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना 22 जुलाई दिन सोमवार से शुरू होगा, जिस वजह से यह अपने आप में अद्भुत है। ऐसा माना जाता है, जो शिव भक्त भोलेनाथ की पूजा सच्चे दिल से करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस दिन भक्त व्रत-पूजन कर शिवलिंग पर आक, बिल्वपत्र और भांग समेत तमाम चीजें चढ़ाते है। लेकिन, ध्यान रहे कि कुछ चीजें ऐसी भी हैं जो शिवलिंग पर चढ़ाना निषेध मानी गई है। इन चीजों को चढ़ाने से भगवान शिव रुष्ट होते हैं और पूजा निष्फल हो जाती है।
अब सवाल है कि आखिर वो कौन सी चीजें हैं, जो शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए। आइए जानें इस बारे में-
तुलसी का पत्ता
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, भोलेनाथ को तुलसी का पत्ता भी नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि, असुर राज जलंधर की कथा के अनुसार जालंधर की पत्नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी और भगवान शिव ने जलंधर का वध किया था। जिस वजह से वृंदा ने शिव पूजन में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल न करने की बात कही थी।
हल्दी
शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाना चाहिए। दरअसल, शिवलिंग को भगवान शिव की शक्ति का प्रतीक माना जाता है और हल्दी स्त्रियोचित, यानी स्त्रियों से संबंधित माना जाती है। इसलिए भगवान शिव को हल्दी चढ़ाने से बचना चाहिए। हालांकि, अन्य देवी-देवताओं की पूजा में हल्दी चढ़ाई जा सकती है।
केतकी का फूल
भगवान शिव के भक्तों को कभी भी उनकी पूजा के दौरान केतकी या केवड़ा के फूल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके अलावे शिव को कनेर और कमल के अलावा लाल रंग के फूल भी प्रिय नहीं हैं।
शंख
शंख भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय हैं। लेकिन, भगवान शिव ने शंखचूर नामक असुर का वध किया था जिसकी वजह से शंख शिव जी की पूजा में वर्जित माना जाता है।
नारियल पानी
शिव पूजा के समय शिवलिंग पर नारियल पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। कहा जाता है कि, जिस नारियल को देवताओं को चढ़ाया जाता है बाद में उसका प्रसाद ग्रहण करना जरूरी है। लेकिन शिवलिंग का अभिषेक जिन पदार्थों से होता है उन्हें ग्रहण करने की मनाही होती है।