काशी में महाशिवरात्रि पर देखने के लिए मिलता है अलग रंग, जानिए यहां की खास परंपरा के बारे में
भगवान शिव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि का अलग ही नजारा देखने के लिए मिलता है वहीं पर कहते हैं यहां पर दर्शन करने से भोलेनाथ की कृपा पर बनी रहती है।महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के कई मंदिरों में विशेष आयोजन होता है।
- Written By: दीपिका पाल
काशी में महाशिवरात्रि का जश्न (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri 2025: देशभर में महाशिवरात्रि का त्योहार 26 फरवरी को मनाया जाने वाला है इस दिन सभी प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। भगवान शिव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि का अलग ही नजारा देखने के लिए मिलता है वहीं पर कहते हैं यहां पर दर्शन करने से भोलेनाथ की कृपा पर बनी रहती है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के कई मंदिरों में विशेष आयोजन होता है। चलिए जान लेते हैं काशी में महाशिवरात्रि मनाए जाने के विषय में खास बात…
कैसा होता है काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजन
महाशिवरात्रि के मौके पर काशी में सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर है यहां पर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं. वाराणसी के मंदिरों में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए दूध, दही, घी, शहद, जल आदि से अभिषेक किया जाता है। इसके बाद मंगल आरती की जाती है इसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त मौजूद रहते है। दरअसल महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं. जिसके बाद शयन आरती तक कपाट खुले रहते हैं. इसके अलावा रात्रि के चार पहर शिवलिंग की पूजा की जाती है। यहां पर महाशिवरात्रि पर रौनक लगी रहती है।
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महाशिवरात्रि आने से पहले ही शुरू होती है रस्में
महाशिवरात्रि के दिन आने से पहले ही महाशिवरात्रि से कुछ दिन पहले ही मंदिरों में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की तैयारी और रस्में जैसे तिलक, हल्दी मेहंदी आदि की रस्में शुरु हो जाती हैं। इसके अलावा इस दिन कई प्रसिद्ध मंदिरों जैसे, काशी, उज्जैन वैद्यनाथ धाम समेत सभी ज्योतिर्लिंग मंदिर में शिव-बारात निकाली जाती है। कहते हैं कि, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का दिन होता है आज के दिन ही विवाह संपन्न हुआ था।
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जानिए महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनसुार, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत बुधवार, 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर हो रही है. वहीं तिथि का समापन 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर होगा. महाशिवरात्रि की पूजा रात्रि में की जाती है, इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत भी 26 फरवरी को ही किया जाएगा।
