मार्कंडेश्वर को 6 लाख का चढ़ावा, श्रद्धालुओं ने किया दिल खोलकर दान, पुलिस बंदोबस्त में हुई गिनती
Markandadev Temple Donation: महाशिवरात्रि मेले में गड़चिरोली के मार्कंडेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर दान दिया, जहां पुलिस बंदोबस्त में दानपेटी से 6.17 लाख रुपये की गिनती की गई।
- Written By: आंचल लोखंडे
Mahashivratri Gadchiroli (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mahashivratri Gadchiroli: विदर्भ की काशी के रूप में पहचाने जाने वाले चामोर्शी तहसील स्थित मार्कंडादेव में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष बड़ा मेला आयोजित किया जाता है। इस वर्ष मेला 15 फरवरी से शुरू हुआ था। मेले में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने गुप्तदान, हुंडी और दानपेटी में उदारतापूर्वक चढ़ावा अर्पित किया। दानपेटी 20 फरवरी को खोली गई। इस वर्ष श्रद्धालुओं ने मार्कंडेश्वर के चरणों में कुल 6 लाख 17 हजार 41 रुपये का चढ़ावा दिया। पुलिस बंदोबस्त में दानपेटी खोलकर राशि की गिनती की गई।
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में 15 फरवरी से मार्कंडेश्वर मेले की शुरुआत हुई। इस दौरान महापूजन, टिपूर पूजा, पालखी व समापन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। इसके बाद 20 फरवरी को देवस्थान कार्यालय में गुप्तदान की गिनती की गई। दानपेटी और हुंडी से कुल 6 लाख 17 हजार 41 रुपये प्राप्त हुए।
गिनती दिनभर चली
गिनती दोपहर में शुरू हुई और दिनभर चली। इस अवसर पर मार्कंडेश्वर देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष गजानन भांडेकर, सचिव मृत्युञ्जय गायकवाड, सहसचिव रामूजी तिवाडे, जयराम चलाख, मनोज हेजीब, रामेश्वर गायकवाड, उज्ज्वल गायकवाड, मुखरू शेंडे, तहसीलदार व गटविकास अधिकारी के प्रतिनिधि, ट्रस्ट कर्मचारी प्रभाकर गेडाम, पुरुषोत्तम शेंडे, चंदू गेडाम तथा पुलिस विभाग व गृहरक्षक दल के कर्मचारी उपस्थित थे।
सम्बंधित ख़बरें
सावन शिवरात्रि 2026: इस एक रात खुलते हैं भोलेनाथ की कृपा के द्वार! नोट कर लें जलाभिषेक का सबसे चमत्कारी समय
छत्रपति संभाजीनगर में तुर्की-उमरा यात्रा के नाम पर 10 लाख की ठगी, फर्जी वीजा-टिकट देकर ट्रैवल्स संचालक फरार
गडचिरोली में 156 जर्जर मकानों पर मंडराया खतरा, नप की नोटिस के बाद भी खाली नहीं कर रहे लोग, होगी FIR
गड़चिरोली में ‘अमृत आपके द्वार परिवार सर्वेक्षण 2026’ शुरू, कमजोर परिवारों की होगी सामाजिक-आर्थिक जांच
प्रकृति का मिला साथ, सुचारू रहा मेला
प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि मेले के दौरान मौसम की मार देखने को मिलती है, लेकिन इस वर्ष प्रकृति का पूरा साथ मिला। 15 से 20 फरवरी तक छह दिनों तक मेला सुचारू रूप से संपन्न हुआ। लाखों श्रद्धालुओं ने मार्कंडेश्वर के दर्शन किए। वहीं, मेले की अवधि में विभिन्न मनोरंजन साधनों का भी श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया। तहसील स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य दल तैनात कर श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं प्रदान कीं।
ये भी पढ़े: बावनथडी नदी से रेत चोरी करते 3 ट्रैक्टर जब्त, 24.18 लाख का रुपये का माल बरामद; 3 आरोपी गिरफ्तार
नदी में बोट की सहायता से रखा गया नियंत्रण
मेले के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से विशेष कक्ष स्थापित किया गया था। नदीपात्र में बोट की सहायता से निगरानी रखी गई, जिससे इस वर्ष नदी में किसी दुर्घटना की सूचना सामने नहीं आई। मार्कंडादेव ग्राम पंचायत ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था की। मराठा धर्मशाला ने भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। वहीं, देवस्थान ट्रस्ट ने व्यापक व्यवस्था की। पुलिस प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर पुलिस चौकियां लगाकर कड़ा बंदोबस्त रखा।
