शुक्रवार को लग रहा है ‘चोर पंचक’, बिल्कुल न करें ये काम, धन-हानि की पूरी आशंका
panchak 2025: पंचक को हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है और इस दौरान बहुत से कार्य वर्जित होते है। आइए जानते हैं, ज्योतिष में चोर पंचक को क्यों इतना अशुभ माना जाता है और कौन से काम नहीं करने चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी
क्या होता है पंचक और क्यों इसे अशुभ माना जाता है (सौ.सोशल मीडिया)
October Aur November mai panchak kab se hai: धार्मिक एवं ज्योतिष दृष्टि से पंचक को शुभ नहीं माना जाता है। अब एक बार फिर से अक्टूबर महीने की समाप्ति के साथ ही 31 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को चोर पंचक लगने जा रहा है, जिसका समापन 4 नवंबर 2025, मंगलवार को होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस कारण इन दिनों में खास सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
31 अक्टूबर को शुक्रवार का दिन है और शुक्रवार के दिन शुरू होने वाले पंचक चोर पंचक कहलाते हैं। शास्त्रों के अनुसार पंचकों के इन 5 दिनों में शुभ कार्यों के साथ ही कुछ खास करना वर्जित माना जाता है। इनको करने से आपको बड़ी समस्या और नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसी मान्यता है कि इस पंचक के दौरान जोखिम भरे कामों को करने से भी बचना चाहिए। पंचक के प्रभाव से दुर्घटना की प्रबल संभावना रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं, ज्योतिष में चोर पंचक को क्यों इतना अशुभ माना जाता है और इसमें कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
6 August 2026 Panchang: अष्टमी तिथि पर बन रहे हैं कई शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय
Bhagavad Gita: आसपास नकारात्मक लोग हों तब भी घर को ऐसे रखें खुशहाल और शांत, गीता से सीखें ये 5 आसान उपाय
Sawan 2026: सावन में भूलकर भी न छोड़ें मुख्य द्वार से जुड़ा ये उपाय, कहते हैं यहीं से आती है सुख-समृद्धि
Ekadashi 2026: कामिका एकादशी पर 5 चीजों का दान बदल सकता है आपकी किस्मत, श्रीहरि की कृपा से भर जाएगा घर
क्या होता है पंचक और क्यों इसे अशुभ माना जाता है
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है, तो इन पांच नक्षत्रों के समय को पंचक कहते है।
चंद्रमा को इन पांचों नक्षत्रों में गोचर करने में लगभग 5 दिन का समय लगता है। इसलिए इन 5 दिनों की अवधि को पंचक काल कहा जाता है। मान्यता है कि पंचक काल में कुछ विशेष कार्य करने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है और कार्य में सफलता नहीं मिलती है।
चोर पंचक में भूलकर भी न करें ये काम:
दक्षिण दिशा की यात्रा
ज्योतिषियों के मुताबिक, पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने की मनाही होती है, क्योंकि यह दिशा यम यानी मृत्यु के देवता और पितरों की मानी जाती है। कहा जाता है कि, चोर पंचक के दौरान यात्रा करने से चोरी या दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए लंबी और महत्वपूर्ण यात्राओं से बचना चाहिए।
नया व्यापार शुरू न करें
चोर पंचक में किसी भी प्रकार का नया व्यापार शुरू नहीं करना चाहिए। इस समय में लेन-देन, बड़े वित्तीय निवेश या संपत्ति खरीदने जैसे सौदे करने से भी बचना चाहिए, अन्यथा धन और समय की हानि हो सकती है।
लकड़ी या ज्वलनशील वस्तुएं एकत्र करना
पंचक के दौरान घास, लकड़ी या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं जमा करना भी अशुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे आग लगने या दुर्घटना की आशंका रहती है।
घर की छत या चारपाई का निर्माण
कहा जाता है कि, पंचक काल में घर की छत ढलवाना या चारपाई/पलग आदि बनवाना भी अशुभ माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, ऐसा करने से घर में क्लेश और आर्थिक नुकसान हो सकता है।
इसे भी पढ़ें-देवउठनी एकादशी के दिन गलती से भी न करें ये काम, वरना जीवन में परेशानियां आने में देर नहीं लगेगी
शुभ और मांगलिक कार्य न करें
चोर पंचक के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन या अन्य मांगलिक कार्य शुरू नहीं करने चाहिए। साथ ही, बड़े कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना भी टालना चाहिए।
