कल शिववास योग में मनाई जाएगी चित्रगुप्त पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त से लेकर सबकुछ

Chitragupta puja Significance:चित्रगुप्त पूजा हर साल भाई दूज के दिन मनाई जाती है। इस दिन चित्रगुप्त महाराज की पूजा करने से मनोवांछित फल मिलता है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
कल शिववास योग में मनाई जाएगी चित्रगुप्त पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त से लेकर सबकुछ
क्या रहने वाला है चित्रगुप्त पूजा शुभ मुहूर्त (सौ.सोशल मीडिया)
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Chitragupta Puja 2025: दिवाली समाप्ति के बाद भाई दूज के दिन चित्रगुप्त पूजा मनाई जाती है, जो मनुष्यों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले भगवान चित्रगुप्त की पूजा- अर्चना करने के लिए समर्पित है। इस साल यह पूजा 23 अक्टूबर को मनाई जा रही है।

इस शुभ अवसर पर चित्रगुप्त महाराज जी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। सनातन शास्त्रों में चित्रगुप्त महाराज जी को यम के देवता धर्मराज के सहायक हैं।

शास्त्रों के अनुसार, चित्रगुप्त महाराज की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल मिलता है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। आइए, चित्रगुप्त पूजा की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-

क्या रहने वाला है चित्रगुप्त पूजा का शुभ मुहूर्त

आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, 22 अक्टूबर को रात 8 बजकर 16 मिनट पर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शुरू होगी। वहीं, 23 अक्टूबर को रात 10 बजकर 46 मिनट पर द्वितीया तिथि का समापन होगा।

सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। आसान शब्दों में कहें तो सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इस प्रकार गुरुवार 23 अक्टूबर को चित्रगुप्त महाराज जी की पूजा की जाएगी।

चित्रगुप्त पूजा पर बन रहे अति शुभ योग

ज्योतिषियों की मानें तो कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग है। इन योग में चित्रगुप्त महाराज जी की पूजा करने से अक्षय फल मिलेगा।

ये रहने वाला चित्रगुप्त पूजा के लिए शुभ समय

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथियानी 23 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से दोपहर 3 बजकर 28 मिनट तक चित्रगुप्त महाराज जी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त है। इस दौरान साधक चित्रगुप्त महाराज जी की भक्ति भाव से पूजा कर सकते हैं।

पंचांग

सूर्योदय: सुबह 06 बजकर 27 मिनट पर

सूर्यास्त: शाम 05 बजकर 43 मिनट पर

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 45 मिनट से 05 बजकर 36 मिनट तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से 02 बजकर 43 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 05 बजकर 43 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक

निशिता मुहूर्त: रात 11 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक

चित्रगुप्त पूजा विधि

  • सुबह स्नान के बाद पूजा स्थल को साफ करें।
  • कलम, दवात, लेखा-पुस्तक (बहीखाता) और भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा स्थापित करें।
  • धूप, दीप और पुष्प से पूजा करें।
  • भगवान चित्रगुप्त को कलम, कॉपी, इत्र, और मीठा भोग अर्पित करें।
  • अंत में आरती करें और परिवार के सभी सदस्य साथ मिलकर प्रार्थना करें।
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