चैत्र नवरात्रि में किस सवारी पर आएंगी मां दुर्गा? और जानिए किस सवारी पर करेंगी प्रस्थान
Maa Durga Ki Sawaari Aur Prasthaan: चैत्र नवरात्रि 2026 में मां दुर्गा किस सवारी पर आएंगी और किस सवारी से प्रस्थान करेंगी, यह जानना हर भक्त के लिए विशेष महत्व रखता है।
- Written By: सीमा कुमारी
मां दुर्गा (सौ.AI)
Chaitra Navratri 2026 Dates: जगत जननी मां दुर्गा की आराधना का महापर्व चैत्र नवरात्रि कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली है। हिंदू धर्म में इस पर्व को बहुत पवित्र और खास माना जाता है। हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इन नौ दिनों में भक्त पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं।
मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की क्या है सवारी?
ज्योतिष गणना के अनुसार, यूं तो देवी दुर्गा का वाहन सिंह यानी शेर है लेकिन जब माता रानी धरती पर आती हैं तब उनका वाहन बदल जाता है।
इस साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार को हो रही है, इसलिए इस बार माता रानी का आगमन पालकी पर माना जा रहा है। नवरात्रि का यह पर्व भक्तों के लिए आस्था, भक्ति और शक्ति की साधना का समय होता है, जब लोग मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
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मां दुर्गा प्रस्थान मुर्गे पर होगा
इस बार माता रानी का प्रस्थान चरणायुद्ध (मुर्गा) पर होगा, जो कि शुभ संकेत नहीं है। देवी दुर्गा जब मुर्गा पर सवार होकर विदा होती हैं तो यह अशुभ माना जाता है। यह शोक और कष्ट का प्रतीक माना जाता है।
कहते हैं कि यह देश दुनिया पर बुरा असर डालने वाला है। लड़ाई-झगड़े बढ़ेंगे और आंशिक महामारी फैलेगी। साथ ही राजनीतिक उथल-पुथल भी देखने को मिल सकता है।
2026 में कब से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि
साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इस दिन घटस्थापना की जाएगी और इसी के साथ नौ दिनों का यह पावन पर्व शुरू होगा। इन दिनों में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और व्रत रखे जाते हैं।
24 से 28 मार्च तक के प्रमुख पर्व
नवरात्रि के आखिरी दिनों में कई महत्वपूर्ण पूजा और अनुष्ठान होते हैं।
24 मार्च – बेलवरण और षष्ठी पूजा
इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप की पूजा की जाएगी। षष्ठी तिथि शाम 6:54 बजे तक रहेगी।
25 मार्च – महासप्तमी
इस दिन मां के सातवें स्वरूप की पूजा की जाती है। इसी दिन से पंडालों में मां दुर्गा की विधिवत पूजा शुरू होती है। सप्तमी तिथि शाम 4:30 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी शुरू होगी। इसी दिन अष्टमी का दीपदान भी किया जाएगा।
26 मार्च – महाअष्टमी
महाअष्टमी का व्रत रखा जाएगा। अष्टमी तिथि दोपहर 2:15 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी शुरू हो जाएगी। इसी दिन संधि पूजा और संधि बलि का भी विशेष महत्व होता है।
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27 मार्च – महानवमी
इस दिन विशेष पूजा, हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। हवन का समय दोपहर 12:02 बजे तक बताया गया है।
28 मार्च – विजयदशमी
नवरात्रि का समापन दशमी तिथि पर होता है। इस दिन सुबह 10:06 बजे तक दशमी तिथि रहेगी।
