Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पितृ पक्ष के आखिरी दिन नवरात्रि पूजा का सामान खरीद सकते है या नहीं, जान लीजिए क्या है नियम

Pitru Paksha: पितृ पक्ष के अंतिम दिन नवरात्रि सामग्री या किसी भी शुभ कार्य से जुड़ी वस्तु खरीदने से परहेज करना चाहिए। इस तिथि को सिर्फ पितरों की शांति और मोक्ष के लिए समर्पित माना जाता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Sep 20, 2025 | 09:59 PM

पितृ पक्ष में नवरात्रि पूजा सामग्री खरीदना शुभ या अशुभ?(सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Pitru Paksha Shhoping for Puja: हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष का बड़ा महत्व है। अब पितृ पक्ष का समापन होने जा रहा है। पितृ पक्ष का आख़री दिन 21 सितंबर को है। इसके ठीक एक दिन बाद 22 सितंबर से देवी आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र की शुरूआत हो जाएगी। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल है कि पितृ पक्ष के आखिरी दिन नवरात्रि पूजन की सामग्री खरीद सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस बारे में शास्त्रों में क्या नियम बताए गए हैं –

पितृ पक्ष में नवरात्रि पूजा सामग्री खरीदना शुभ या अशुभ ?

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान शुभ कार्य, मांगलिक कार्यक्रम और नई वस्तुओं की खरीददारी करने की मनाही होती हैं। ऐसी मान्यता है कि यह समय सिर्फ पितरों की तृप्ति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए होता हैं।

दूसरी ओर, पितृ पक्ष समाप्त होने के अगले दिन से शुरू होने वाला नवरात्रि पर्व देवी पूजन और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता हैं।

सम्बंधित ख़बरें

वैशाख महीने में सिंह राशि समेत इन 5 राशि के जातकों के बल्ले-बल्ले! जानिए क्या बोल रहा है आपका राशिफल

Good Friday के बाद आने वाला Easter Sunday, यह ‘संडे’ क्यों है खास? जानिए असली बातें

करियर और बिज़नेस में आ रही अड़चनों से कैसे मिलेगा छुटकारा? विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन चुपचाप कर लें ये उपाय

संत की असली पहचान क्या है? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया बड़ा सच

क्या पितृ पक्ष के अंतिम दिन सामग्री खरीदना उचित है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के अंतिम दिन यानी सर्वपितृ अमावस्या पर नवरात्रि सामग्री या किसी भी शुभ कार्य से जुड़ी वस्तु खरीदने से बचना चाहिए। इस तिथि को सिर्फ पितरों की शांति और मोक्ष के लिए समर्पित माना जाता हैं। ऐसे में शुभ एवं मांगलिक अनुष्ठान के लिए नई वस्तुओं की खरीद इस दिन करना शुभ एवं उचित नहीं मानी जाती हैं।

आपको बता दें, हालांकि, यदि किसी कारणवश सामग्री पहले से ही लेनी आवश्यक हो, तो यह कार्य अमावस्या तिथि के समाप्त होने के बाद या फिर नवरात्रि के आरंभिक दिन यानी 22 सितंबर की सुबह खरीदना शुभ एवं उत्तम रहेगा।

जानिए साल 2025 में शारदीय नवरात्रि का शुभ मुहर्त

पंचांग के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत 22 सितंबर (रविवार) से होगी। पितृ पक्ष का अंतिम दिन 21 सितंबर (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या के रूप में मनाया जाएगा।

ऐसे में नवरात्रि की सामग्री जैसे कलश, दीपक, चुनरी, नारियल, गेहूं, जौ, अक्षत, अगरबत्ती आदि खरीदने का सबसे उपयुक्त समय 22 सितंबर की सुबह से शुरू होगा।

ये हैं नवरात्रि में भोग से जुड़े नियम

नवरात्रि में माता के नौ रूपों की पूजा होती है साथ ही इन्हें पूजा में भोग भी लगाया जाता है। नवरात्रि का व्रत रखने वालों को सबसे पहले इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि नवरात्रि के दौरान आपको सात्विक भोजन ही करना है।

 

Can we buy items for navratri puja on the last day of pitru paksha or not

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Sep 20, 2025 | 09:59 PM

Topics:  

  • Goddess Durga
  • Religion News
  • Shardiya Navratri

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.