भगवान शिव (सौ.सोशल मीडिया)
Budh Pradosh Vrat 2026: भगवान भगवान भोलेनाथ को समर्पित प्रदोष व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस बार वैशाख महीने का पहला प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026, बुधवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, बुधवार के दिन आने वाला प्रदोष व्रत विशेष रूप से बुद्धि, वाणी और व्यापार में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार,पैसों की तंगी से मुक्ति के लिए वैशाख माह के इस प्रदोष व्रत पर अगर शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करें। इससे धन प्राप्ति के मार्ग खुलेंगे। घर में समृद्धि आएगी।
कहा जाता है कि, बुध प्रदोष व्रत पर अगर भगवान शंकर को 11 बेलपत्र अर्पित करें साथ में बिजनेस संबंधी मामलों में सफलता के लिए भगवान से प्रार्थना करें तो इसके लाभ जरूर दिखेंगे। बिजनेस इंवेस्टमेंट में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी और सफलता के अनेक रास्ते खुलेंगे।
बुध प्रदोष पर परिवार की खुशहाली का वरदान पाने के लिए शिव जी की विधि विधान से पूजा जरूर करें। महिलाएं अगर माता पार्वती की इस दिन पूजा करें व जरूरतमंद महिलाओं को सुहाग की सामग्री दान में दे तो घर-परिवार के भाग्य जाग जाते हैं।
एक बात ख़ास ध्यान रहे सुहाग की सामग्री में ज्यादातर सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी आदि हरे रंग की रखें। इससे बुध की स्थिति भी मजबूत होगी और पति की कमाई बढ़ेगी ।
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मनोकामना पूर्ति के लिए बुध प्रदोष व्रत पर पूजा के समय शिव जी को तिल चढाएं या तिल मिश्रित जल से शिवलिंग पर अभिषेक करें। लोक मान्यता अनुसार, इस एक सरल उपाय से मनो कामनाएं पूरी हो सकती हैं।
कुंडली में बुध दोष मुक्ति के लिए बुध प्रदोष के दिन बुध मंत्र का जाप करें. इसके शुभ परिणाम जल्द दिख सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसा,र कुंडली में बुध दोष होने पर बिजनेस में नुकसान होता हैं। ऐसे में बुध प्रदोष के दिन बुध मंत्र का जाप करना आपके लिए करें। इससे शुभ परिणाम मिल सकते हैं।