मुंबई मेट्रो की हाईटेक मानसून तैयारी: AI और 2500 कैमरों से होगी निगरानी, जलभराव से निपटने के पुख्ता इंतजाम

Mumbai Metro News: मुंबई में मानसून के दौरान मेट्रो सेवाओं को सुचारु रखने के लिए महा मुंबई मेट्रो ने AI तकनीक, 2,496 सीसीटीवी कैमरों, आपदा नियंत्रण कक्ष और 30 आपातकालीन पंपों को सक्रिय किया है।
Maha Mumbai Metro deploys AI technology, 2,496 CCTV cameras, and 30 emergency pumps across 39 stations to ensure uninterrupted services during the monsoon.
मुंबई मेट्रो लाइन (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Mumbai Metro Monsoon Preparedness: मुंबई में मानसून के दौरान मेट्रो सेवाओं को सुरक्षित, सुचारु और निर्बाध बनाए रखने के लिए महा मुंबई मेट्रो ने तकनीक और एआई आधारित व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। इसकी मदद से महामुंबई मेट्रो मानसून से मुकाबला करेगी। बताया गया है कि मेट्रो लाइन 2ए, 2बी, 7 और 9 के 39 स्टेशनों पर 2,496 सीसीटीवी कैमरों का हाईटेक निगरानी नेटवर्क, जलभराव रोकने के लिए 30 आपातकालीन पंप, मजबूत ड्रेनेज सिस्टम, 1,070 इंसुलेटरों की जांच, 24 घंटे सक्रिय आपदा नियंत्रण कक्ष और एआई आधारित पैंटोग्राफ मॉनिटरिंग सिस्टम को मानसून के मद्देनजर सक्रिय किया गया है।

इतना ही नहीं एआई वीडियो एनालिटिक्स के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। मेट्रो लाइन 2बी और 9 के परिचालन शुरू होने के बाद इस वर्ष का यह पहला मानसून है। ऐसे में एमएमआरडीए ने यात्री सुरक्षा, जलभराव की रोकथाम, आपातकालीन प्रतिक्रिया और परिचालन निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष तैयारियां की हैं। मेट्रो स्टेशनों, डिपो, वायाडक्ट और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं का व्यापक निरीक्षण और रखरखाव किया गया है।

मानसून एक्शन प्लान के तहत संचालित सभी 39 मेट्रो स्टेशनों पर 64 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस तरह कुल 2,496 कैमरों के जरिए स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, कॉन्कोर्स और परिचालन क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। वहीं जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर 30 आपातकालीन पंप लगाए गए हैं। वर्षा जल निकासी नालों की सफाई, गाद और झाड़ियों को हटाने के साथ ही वायाडक्ट की विशेष सफाई का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, ताकि बारिश के दौरान जल निकासी बाधित न हो।

मुंबई मेट्रो नेटवर्क पर 1,070 इंसुलेटरों की निवारक जांच और रखरखाव के साथ 25 केवी केबल, पैंटोग्राफ, ट्रांसफॉर्मर व लाइटनिंग अरेस्टर की तकनीकी जांच भी पूरी कर ली गई है। ट्रैक्शन सब-स्टेशनों को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं। इसके अलावा 14 रणनीतिक स्टेशनों पर हवा की गति मापने के लिए एनीमोमीटर प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे मौसम की स्थिति पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सके।

संभावित जोखिम बिंदुओं की पूरी कर ली गई जांच

  • स्टेशनों पर छत से रिसाव, प्लेटफार्म ड्रेनेज और अन्य संभावित जोखिम बिंदुओं की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूरे किए गए हैं। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मुख्य लाइन पर तीन और डिपो में दो स्टैंडबाय मेट्रो ट्रेनें तैयार रखी गई हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने अथवा अत्यधिक खराब मौसम की स्थिति में सेवा व्यवधान को कम करने के लिए बैकअप सिस्टम भी उपलब्ध रहेंगे।
  • यात्रियों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, स्टेशन घोषणाओं और मोबाइल एप्लिकेशन को मानसून एसओपी के अनुरूप अपडेट किया गया है। वहीं 25 मई से 15 अक्टूबर तक सातों दिन 24 घंटे आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेगा, जो मुंबई मनपा, पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
  • एमएमआरडीए ने पहली बार एआई आधारित उन्नत तकनीकों का व्यापक उपयोग भी शुरू किया है। मेट्रो लाइन 2ए और 7 पर लागू ऑटोमेटेड पैटोग्राफ कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम हाई-स्पीड कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से चलती ट्रेनों की रियल टाइम जांच करता है।
  • पहले जिस प्रक्रिया में लगभग 30 मिनट लगते थे, अब वह कुछ सेकंड में पूरी हो जाती है। इसके अलावा एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम यात्रियों की असामान्य गतिविधियों, संदिग्ध सामान, सुरक्षा उल्लंघनों और उपकरणों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की पहचान कर तत्काल अलर्ट जारी करने में सक्षम है।
  • मुंबई और एमएमआर महाराष्ट्र की आर्थिक धुरी हैं। मानसून के दौरान भी सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित, कुशल और भरोसेमंद बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। मेट्रो लाइन 2ए, 2बी, 7 और 9 पर एआई-सक्षम निगरानी, जलभराव रोकथाम और आपातकालीन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं भविष्य उन्मुख और यात्री-केंद्रित बुनियादी ढांचे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। - देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
  • मानसून के दौरान सुरक्षित और निर्बाध सीसीटीवी निगरानी, आपदा प्रबंधन तंत्र और एआई-आधारित पैंटोग्राफ मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं से मेट्रो सेवाएं अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सक्षम बनी हैं। - एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री व अध्यक्ष, एमएमआरडीए
  • महा मुंबई मेट्रो की मानसून 66 रणनीति यात्री सुरक्षा, निर्वाध परिचालन और त्वरित प्रतिक्रिया पर केंद्रित है। सातों दिन 24 घंटे निगरानी, एआई-सक्षम रखरखाव, ड्रेनेज सिस्टम और आपातकालीन व्यवस्थाओं के जरिए हमने नेटवर्क को हर मौसम में सुरक्षित और विश्वसनीय सेवा देने के लिए तैयार किया है। मेट्रो लाइन 2बी और 9 के पहले मानसून को देखते हुए सभी स्तरों पर तैयारियां मजबूत की गई हैं। तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और इंजीनियरिंग उपायों के समन्वय से जोखिमों की समय रहते पहचान कर सेवा व्यवधान को न्यूनतम रखा जाएगा। - संजय मुखर्जी, आयुक्त, एमएमआरडीए
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com