Astrology: ज्योतिष शास्त्र में इन नक्षत्रों को माना जाता है सबसे अशुभ, जीवन में ला सकते हैं कई परेशानियां

Most Inauspicious Nakshatra: वैदिक काल से माना जाता है कि नक्षत्रों का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। सभी नक्षत्रों के अपने शासक ग्रह और देवता होते हैं। इन सभी नक्षत्रों का प्रभाव अलग-अलग होता है।
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नक्षत्र (फोटो.सोशल मीडिया)
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How Ashubh Nakshatra Affects Your Life: वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों का अलग महत्व है। ग्रह नक्षत्रों की चाल व्यक्ति के जीवन में आने वाली स्थिति के बारे में बताती है। एस्ट्रो एक्सपर्ट और सटीक भविष्यवाणी बताने के लिए नक्षत्र का उपयोग जरूर होता है।

प्राचीन ग्रंथों में भी नक्षत्रों के बारे में विशेष जानकारी दी गई है। नक्षत्र के प्रभाव से किसी भी व्यक्ति का जीवन बदल सकता है। नक्षत्रों का प्रभाव अच्छा और बुरा दोनों हो सकता है। इसलिए लोग नक्षत्रों को अपने पक्ष में करने के लिए उनसे सम्बंधित ग्रहों की पूजा-पाठ करते हैं। साथ ही वे कई तरह के उपाय करते हैं, जिससे नक्षत्र उनकी ओर रहे और जीवन में कोई भी समस्या न आए। धर्म शास्त्रों में नक्षत्रों की कुल संख्या 27 बताई गई है।

राजा दक्ष की बेटियां मानी जाती हैं ये नक्षत्र

पुराणों में इन 27 नक्षत्रों की पहचान दक्ष प्रजापति की बेटियों के तौर पर है। इन सभी का विवाह चंद्र देव के साथ हुआ था, जो इन 27 नक्षत्रों के रूप में आकाश में भ्रमण करती हैं। वैदिक काल से ही नक्षत्रों का अपना अलग महत्व रहा है। पुराणों के अनुसार ऋषि मुनियों ने आसमान का विभाजन 12 हिस्सों में कर दिया था, जिन्हें 12 अलग-अलग राशियों के नाम से जाना जाता है। इन राशियों के बारीकी से अध्ययन के लिए उन्होंने इसको 27 भागों में बांट दिया, जिन्हें नक्षत्र कहा जाता है। एक राशि के भीतर लगभग 2.25 नक्षत्र आते हैं।

सभी नक्षत्रों के अपने शासक ग्रह और देवता होते हैं। इन सभी नक्षत्रों का प्रभाव अलग-अलग होता है। सभी 27 नक्षत्रों में कुछ नक्षत्र बेहद शुभ माने जाते हैं तो कुछ बेहद अशुभ होते हैं। इन अशुभ नक्षत्रों में किए गए कार्यों का हमेशा बुरा फल मिलता है। जानते हैं इन खराब नक्षत्रों के बारे में।

27 नक्षत्रों के नाम इस प्रकार हैं

  1. अश्विनी
  2. भरणी
  3. कृत्तिका
  4. रोहिणी
  5. मृगशिरा
  6. आर्द्रा
  7. पुनर्वसु
  8. पुष्य
  9. अश्लेषा
  10. मघा
  11. पूर्वा फाल्गुनी
  12. उत्तरा फाल्गुनी
  13. हस्त
  14. चित्रा
  15. स्वाति
  16. विशाखा
  17. अनुराधा
  18. ज्येष्ठा
  19. मूल
  20. पूर्वाषाढ़ा
  21. उत्तराषाढ़ा
  22. श्रवण
  23. धनिष्ठा
  24. शतभिषा
  25. पूर्वाभाद्रपद
  26. उत्तराभाद्रपद
  27. रेवती

इन नक्षत्रों को माना गया है बेहद खराब

ज्योतिष शास्त्र में अश्लेषा, मघा, कृतिका और भरणी नक्षत्र को सबसे खराब नक्षत्र माना गया है। इन नक्षत्रों में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इन नक्षत्र में जन्में बच्चों का भविष्य सामान्य होता हैं और उसके भविष्य पर इस नक्षत्र का कोई बुरा प्रभाव नही पड़ता है। भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार कृतिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य ग्रह है। अश्लेषा नक्षत्र का स्वामी बुध और मघा नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह को माना जाता है। इन खराब नक्षत्रों की वजह से बने बनाए काम भी बिगड़ जाते हैं।

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