Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

अंजलिकास्त्र की ताकत जानकर रह जाएंगे हैरान, क्या सच में सब कुछ कर सकता था नष्ट?

Anjalikastra: महाकाव्यों में वर्णित दिव्य अस्त्रों की कहानियां आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं। इन ग्रंथों में ऐसे कई शक्तिशाली अस्त्रों का जिक्र मिलता है, जिनकी ताकत और प्रभाव अद्भुत बताए गए हैं।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Apr 16, 2026 | 05:04 PM

Anjalikastra (Souce. Gemini)

Follow Us
Close
Follow Us:

What is Anjalikastra: भारतीय महाकाव्यों में वर्णित दिव्य अस्त्रों की कहानियां आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं। इन ग्रंथों में ऐसे कई शक्तिशाली अस्त्रों का जिक्र मिलता है, जिनकी ताकत और प्रभाव अद्भुत बताए गए हैं। इन्हीं में से एक रहस्यमयी और अत्यंत शक्तिशाली अस्त्र है ‘अंजलिकास्त्र’। यह अस्त्र न सिर्फ युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाता था, बल्कि इसकी शक्ति को लेकर कई रोचक कथाएं भी प्रचलित हैं।

क्या था अंजलिकास्त्र?

महाकाव्यों के अनुसार, ‘अंजलिकास्त्र’ एक दिव्य और आकाशीय शक्ति से युक्त अस्त्र था। इसे इतना शक्तिशाली माना गया है कि यह समुद्र, पर्वत, वन और धरती के भीतर मौजूद तत्वों तक को नष्ट करने की क्षमता रखता था।

यह अस्त्र साधारण नहीं था, बल्कि इसे चलाने के लिए विशेष ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति की आवश्यकता होती थी। माना जाता है कि इस अस्त्र का प्रयोग बहुत ही सीमित परिस्थितियों में किया जाता था, जब युद्ध में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो जाती थी।

सम्बंधित ख़बरें

Mulank 5: 5, 14 और 23 तारीख को जन्मे की क्या होती है ख़ासियतें? जानिए करियर और लव लाइफ से जुड़ी बातें

Sita Navami Upay : अरेंज मैरिज या लव मैरिज में आ रही हैं अड़चनें? सीता नवमी पर करें ये उपाय

Vaishakh Amavasya Rules: वैशाख अमावस्या को गलती से भी न करें ये काम, वरना पड़ जाएंगे लेने के देने!

Mulank 4 Prediction: 4,13, 22 और 31 तारीख को जन्में लोगों की खासियत जानिए, इनपर ख़ास कृपा होती है राहु की

अर्जुन और अंजलिकास्त्र का संबंध

कथाओं के अनुसार, इस शक्तिशाली अस्त्र का प्रयोग महान धनुर्धर अर्जुन ने किया था। कहा जाता है कि अर्जुन ने अपने धनुष के माध्यम से इस अस्त्र को चलाया और युद्ध में इसका प्रभाव बेहद विनाशकारी साबित हुआ। एक कथा में वर्णन मिलता है कि अर्जुन ने अंजलिकास्त्र का उपयोग कर संदीपनि नामक राक्षस का वध किया था। इस घटना से इस अस्त्र की शक्ति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

द्रोणाचार्य ने भी किया इस्तेमाल

महाभारत के युद्ध में गुरु द्रोणाचार्य द्वारा भी इस अस्त्र का उपयोग किए जाने का उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि जब उन्होंने अंजलिकास्त्र चलाया, तो कई रथ और योद्धा एक ही बार में नष्ट हो गए। यह दर्शाता है कि यह अस्त्र सिर्फ एक योद्धा ही नहीं, बल्कि पूरे युद्ध के समीकरण को बदलने की क्षमता रखता था।

ये भी पढ़े: रावण की लंका में मां बनी एक राक्षसी, त्रिजटा को सीता ने क्यों कहा था मां?

सबसे शक्तिशाली अस्त्र माना गया

भविष्यवक्ता बृहस्पति ने भी अंजलिकास्त्र को युद्ध में इस्तेमाल होने वाले सबसे शक्तिशाली अस्त्रों में से एक बताया है। उनके अनुसार, इसकी शक्ति अन्य सभी अस्त्रों से कहीं अधिक थी।

क्या आज भी है इसका रहस्य?

आज के समय में ‘अंजलिकास्त्र’ सिर्फ एक पौराणिक कथा का हिस्सा है, लेकिन इसकी कहानियां आज भी लोगों को रोमांचित करती हैं। यह अस्त्र भारतीय संस्कृति और महाकाव्यों की अद्भुत कल्पनाशक्ति और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

Astonished to learn the power of the anjalikastra

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 16, 2026 | 05:04 PM

Topics:  

  • Mahabharat
  • Religion News
  • Sanatan Hindu religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.