शनिवार को है आषाढ़ी विनायक चतुर्थी, बन रहे हैं कई शुभ योग
विनायक चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश जी को समर्पित है। इस दिन व्रत संकल्प लेकर गणपति बप्पा की पूरे विधि-विधान के साथ उपासना करने से जीवन की सभी समस्याएं और बाधाएं दूर होती हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
आषाढ़ी विनायक चतुर्थी (सौ.सोशल मीडिया)
भगवान गणेश जी को समर्पित विनायक चतुर्थी का व्रत हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। इस बार आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी का व्रत 28 जून दिन शनिवार को रखा जाएगा। ज्योतिषयों के अनुसार, विनायक चतुर्थी का व्रत रखने और इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।
इसके अलावा जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा भी मिलता है। ऐसे में आइए जानते है आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी की सही डेट और शुभ मुहूर्त।
क्या है विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 28 जून को सुबह 09 बजकर 53 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 29 जून को सुबह 09 बजकर 14 मिनट पर चतुर्थी तिथि समाप्त होगी। तिथि गणना से 28 जून को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी।
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विनायक चतुर्थी पर बन रहे हैं कई शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी पर दुर्लभ हर्षण योग का संयोग बन रहा है। हर्षण योग का संयोग शाम 07 बजकर 15 मिनट तक है। इसके साथ ही रवि योग का भी संयोग है।
रवि योग सुबह 06 बजकर 35 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 29 जून को सुबह 05 बजकर 26 मिनट तक है। इन योग में स्नान-ध्यान कर भगवान गणेश की पूजा करने से आरोग्य जीवन का वरदान मिलेगा। साथ ही सभी प्रकार के मनोरथ सिद्ध होंगे।
पंचांग
सूर्योदय – सुबह 05 बजकर 26 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 07 बजकर 23 मिनट पर
चन्द्रोदय- सुबह 08 बजकर 09 मिनट पर
चन्द्रास्त- रात 10 बजकर 04 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 05 मिनट से 04 बजकर 46 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 22 मिनट से 07 बजकर 42 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक
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विनायक चतुर्थी का क्या है महत्व
विनायत चतुर्थी का व्रत सनातन धर्म में बड़ा महत्व रखता है। इस दिन गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन के सभी दुख खत्म हो जाते हैं। साथ ही घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ ज्ञान एवं बुद्धि की प्राप्ति भी होती है।
गणेश जी इस दिन पूजा और व्रत करने वालों के सभी कार्य पूरे कराते हैं। साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं। व्यक्ति के जीवन पर आ रहे संकट भी दूर हो जाते हैं। अगर इस व्रत को विधिपूर्वक किया जाए तो व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती हैं।
