Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

अर्जुन ने क्यों तोड़ा द्रौपदी से जुड़ा कठोर नियम? 12 साल का वनवास खुद क्यों चुना वीर धनुर्धर ने

Mahabharat: महाभारत केवल युद्ध और सत्ता संघर्ष की गाथा नहीं है, बल्कि यह धर्म, मर्यादा और नियमों के पालन का जीवंत उदाहरण भी है। इस महाग्रंथ में द्रौपदी और पांचों पांडवों से जुड़ी कई घटनाएं लिखी गई है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Jan 20, 2026 | 04:45 PM

Arjun (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

Draupadi Ke Pandava Ke Liye Niyam: महाभारत केवल युद्ध और सत्ता संघर्ष की गाथा नहीं है, बल्कि यह धर्म, मर्यादा और नियमों के पालन का जीवंत उदाहरण भी है। इस महाग्रंथ में द्रौपदी और पांचों पांडवों से जुड़ी कई घटनाएं ऐसी हैं, जो आज भी लोगों के मन में सवाल खड़े करती हैं। इन्हीं में से एक है द्रौपदी के साथ रहने का कठोर नियम और उस नियम को तोड़ने पर अर्जुन द्वारा स्वयं स्वीकार किया गया 12 वर्षों का वनवास।

निजता का नियम और नारद मुनि की सलाह

जब माता कुंती के अनजाने आदेश के कारण द्रौपदी पांचों पांडवों की पत्नी बनीं, तो आपसी विवाद से बचने के लिए देवर्षि नारद ने पांडवों को एक अहम सलाह दी। उन्होंने सुंद और उपसुंद नामक असुर भाइयों का उदाहरण दिया, जो एक स्त्री के कारण आपस में लड़कर नष्ट हो गए थे।

इसके बाद यह नियम बनाया गया कि द्रौपदी एक समय में केवल एक ही पांडव के साथ रहेंगी। यदि कोई भाई उस समय उनके कक्ष में प्रवेश करता है, तो उसे दंडस्वरूप 12 वर्ष का कठोर वनवास भुगतना होगा।

सम्बंधित ख़बरें

अगर तुलसी का पौधा सूख जाए तो क्या करें? गलती से भी न फेंके, जानिए सूखा पौधा कैसे दिलाएगा सुख-शांति

अगर जीवन में हैं परेशानियां, तो आज ही अपनाएं हनुमान जी के ये उपाय

माँ शारदा को करना है प्रसन्न? बसंत पंचमी पर जरूरतमंदों को दें ये उपहार, होगा भाग्योदय

बसंत पंचमी क्या करें कि माता सरस्वती का मिले विशेष आशीर्वाद और जीवन में बस तरक्की ही तरक्की? यहां जानिए उपाय!

अर्जुन ने क्यों तोड़ा यह नियम?

एक दिन एक निर्धन ब्राह्मण अपनी गायें चोरी हो जाने पर सहायता मांगता हुआ अर्जुन के पास पहुंचा। क्षत्रिय धर्म के अनुसार, अर्जुन का कर्तव्य था कि वह ब्राह्मण की रक्षा करें। लेकिन उस समय उनके सभी अस्त्र-शस्त्र युधिष्ठिर के कक्ष में थे, जहां द्रौपदी और युधिष्ठिर एकांत में थे।

अर्जुन के सामने धर्मसंकट खड़ा हो गया। नियम न तोड़ें तो ब्राह्मण असहाय रह जाता और नियम तोड़ें तो 12 वर्षों का वनवास निश्चित था। अर्जुन ने धर्म को सर्वोपरि मानते हुए जानबूझकर कक्ष में प्रवेश किया, धनुष उठाया और चोरों को पराजित कर ब्राह्मण की गायें लौटा दीं।

युधिष्ठिर की माफी और अर्जुन की अडिग सोच

कार्य पूरा होने के बाद युधिष्ठिर ने अर्जुन को गले लगाते हुए कहा कि यह पुण्य कार्य था और उन्हें दंड की आवश्यकता नहीं। लेकिन अर्जुन अपने वचन पर अडिग रहे। उन्होंने कहा, “भैया, धर्म के मामले में कोई रियायत नहीं होनी चाहिए।” इसके बाद अर्जुन ने स्वयं 12 वर्षों का वनवास स्वीकार किया। इसी वनवास के दौरान उनकी भेंट उलूपी, चित्रांगदा और सुभद्रा से हुई और उन्होंने उनसे विवाह भी किया।

ये भी पढ़े: महाभारत का रहस्यमयी पात्र घटोत्कच: एक भूल, एक श्राप और तय हो गई वीर की मृत्यु

द्रौपदी हर पांडव के साथ कितने दिन रहती थीं?

महाभारत की कुछ व्याख्याओं के अनुसार, द्रौपदी प्रत्येक पांडव के साथ दो महीने और 12 दिन यानी कुल 72 दिन बिताती थीं। इस प्रकार पांचों भाइयों के साथ 360 दिनों का एक वर्ष पूरा होता था। वहीं दक्षिण भारतीय मान्यताओं में कहा जाता है कि द्रौपदी हर पांडव के साथ एक-एक वर्ष रहती थीं और हर चक्र के बाद शुद्धिकरण से गुजरती थीं।

मर्यादा और धर्म की अमर मिसाल

यह कथा केवल एक पारिवारिक नियम की कहानी नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि महाभारत में नियम और धर्म व्यक्ति से भी ऊपर थे। अर्जुन का स्वयं दंड स्वीकार करना आज भी त्याग, अनुशासन और नैतिकता की सबसे बड़ी मिसाल माना जाता है।

 

Arjuna break the strict rule related to draupadi brave archer choose 12 years of exile for himself

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 20, 2026 | 04:45 PM

Topics:  

  • Mahabharat
  • Religion
  • Sanatan Hindu religion
  • Spiritual

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.