Apara Ekadashi: अपरा एकादशी पर बन रहा है विशेष संयोग, नोट कर लें सही डेट और पूजा की विधि!
Apara Ekadashi 2026: अपरा एकादशी के पावन अवसर पर इस बार विशेष योग का निर्माण हो रहा है, जो इसे और भी शुभ बना रहा है। इस दिन विधि-विधान से व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान विष्णु (Source. Pinterest)
Apara Ekadashi Date And Time: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। हर महीने में आने वाली एकादशी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। ऐसे ही ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि में आने वाली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026 को रखा जा रहा है।
अपरा एकादशी का व्रत महत्व
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि, अपरा एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को अश्वमेध यज्ञ, तीर्थ स्नान और दान के बराबर पुण्य फल मिलता है।
यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है, जिन्होंने जीवन में किसी प्रकार के पाप या गलत कर्म किए हों और वे उनसे छुटकारा पाना चाहते हों। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत कथा का श्रवण और दान-पुण्य करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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कब रखा जाएगा अपरा एकादशी व्रत?
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 मई को दोपहर 2.52 पर शुरू होगी और अगले दिन 13 मई 2026 को दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी।
उदयातिथि के अनुसार अपरा एकादशी व्रत 13 मई 2026 को रखा जाएगा। इस दिन विष्णु जी की पूजा के लिए सुबह 5.32 से सुबह 8.55 तक शुभ मुहूर्त।
अपरा एकादशी व्रत पारण समय
अपरा एकादशी का व्रत पारण 14 मई 2026 को सुबह 5.31 से सुबह 8.14 तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय सुबह 11:20 है।
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अपरा एकादशी के दिन कैसे करें पूजा?
- अपरा एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर को गंगाजल से शुद्ध करें।
- पीले वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- भगवान को पंचामृत यानी दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं।
- श्री हरि को पीले फल, पुष्प और मिठाई का भोग लगाएं।
- यहां विशेष ध्यान रखना है कि विष्णु जी की पूजा में तुलसी दल अनिवार्य है, इसके बिना भोग स्वीकार नहीं किया जाता।
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें और अपरा एकादशी की व्रत कथा सुनें।
- शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं और परिक्रमा करें।
अपरा एकादशी के दिन क्या करें?
- शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित है।
- इस दिन क्रोध, असत्य और कलह से दूर रहना चाहिए।अपरा
- अपरा एकादशी के दिन दान करना पूजन के प्रभाव को बढ़ा देता है।
- पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए मन को ईश्वर की भक्ति में लीन रखना चाहिए।
- अपरा एकादशी पर अन्न, जल, वस्त्र या स्वर्ण का दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है।
- अपरा एकादशी के दिन प्यासे को जल पिलाना और भूखे को भोजन कराना इस दिन सर्वश्रेष्ठ दान माना गया है।
