Abujh Muhurat : अबूझ मुहूर्त' सिर्फ अक्षय तृतीया में ही नहीं होता, साल के इन दिनों में भी होते हैं योग

Akshaya Tritiya Abujh Muhurt : अबूझ मुहूर्त केवल अक्षय तृतीया तक सीमित नहीं है, बल्कि साल में कई ऐसे विशेष दिन भी होते हैं जब बिना पंचांग देखे शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
Akshaya Tritiya Abujh Muhurt
अबूझ मुहूर्त( सौ.सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Akshaya Tritiya Abujh Muhurt : हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया को सबसे शुभ दिनों में जाना जाता है। बताया जाता है कि, इस दिन किसी शुभ एवं मांगलिक कार्यो को करने के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नही होती है। इस बार 19 अप्रैल को पूरे देश में अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जा रहा है।

ये दिन अपने आप ही शुभ माना जाता है। कहते हैं अक्षय तृतीया कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ अक्षय तृतीया पर ही अबूझ मुहूर्त नहीं होता बल्कि साल में कुल साढ़े तीन दिन ऐसे होते हैं जब बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ काम संपन्न किया जा सकता है। आइए आपको बताते है साल में कब-कब अबूझ मुहूर्त होता है और इस दौरान क्या-क्या काम किये जा सकते हैं

Akshaya Tritiya Abujh Muhurt कब-कब होता है?

पंचांग के अनुसार साल में मुख्य रूप से साढ़े तीन दिन अबूझ मुहूर्त या स्वयंसिद्ध मुहूर्त माने जाते हैं जो इस प्रकार है:

  • चैत्र नवरात्रि का पहला दिन
  • अक्षय तृतीया
  • विजय दशमी
  • आधा श्रेष्ठ मुहूर्त

अबूझ मुहूर्त में क्या करना होता है शुभ

  • सबसे ज्यादा शादियां इन्हीं दिनों में होती हैं, खासकर उन जोड़ों की जिनकी कुंडली का मिलान मुश्किल होता है।
  • ये दिन नए घर में प्रवेश करने या नींव रखने के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं।
  • सोना-चांदी, वाहन, जमीन या कीमती चीजों की खरीदारी के लिए ये दिन शुभ होते हैं।
  • बच्चों से जुड़े संस्कार जैसे अन्नप्राशन, कर्णवेध, विद्यारंभ, नामकरण, मुंडन इत्यादि कार्यों के लिए भी ये दिन बेहद शुभ फलदायी माने जाते हैं।
  • नए व्यापार की शुरुआत इस दिन कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, इन शुभ दिनों में दान इत्यादि पुण्य कर्म करने से अक्षय यानी कभी न खत्म होने वाला पुण्य प्राप्त होता है।

क्या होता है अबूझ मुहूर्त का अर्थ

अबूझ मुहूर्त का अर्थ है एक ऐसा समय जो स्वयं सिद्ध हो। ज्योतिष अनुसार इन खास दिन में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग देखे किये जा सकते हैं। कहते हैं इन दिनों में किये गए कार्य सफल होते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com