

Akshaya Tritiya Abujh Muhurt : हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया को सबसे शुभ दिनों में जाना जाता है। बताया जाता है कि, इस दिन किसी शुभ एवं मांगलिक कार्यो को करने के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नही होती है। इस बार 19 अप्रैल को पूरे देश में अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जा रहा है।
ये दिन अपने आप ही शुभ माना जाता है। कहते हैं अक्षय तृतीया कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ अक्षय तृतीया पर ही अबूझ मुहूर्त नहीं होता बल्कि साल में कुल साढ़े तीन दिन ऐसे होते हैं जब बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ काम संपन्न किया जा सकता है। आइए आपको बताते है साल में कब-कब अबूझ मुहूर्त होता है और इस दौरान क्या-क्या काम किये जा सकते हैं
पंचांग के अनुसार साल में मुख्य रूप से साढ़े तीन दिन अबूझ मुहूर्त या स्वयंसिद्ध मुहूर्त माने जाते हैं जो इस प्रकार है:
अबूझ मुहूर्त का अर्थ है एक ऐसा समय जो स्वयं सिद्ध हो। ज्योतिष अनुसार इन खास दिन में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग देखे किये जा सकते हैं। कहते हैं इन दिनों में किये गए कार्य सफल होते हैं।