After Death 5 Things: मरने के बाद कौन सी 5 चीज़ें जाती हैं साथ? यहां जानिए

After Death 5 Things In Hindi: धर्म ग्रंथों के अनुसार मृत्यु के बाद व्यक्ति के साथ धन-संपत्ति नहीं, बल्कि उसके कर्म, संस्कार और किए गए अच्छे-बुरे कार्यों का प्रभाव जाता है।
Marne Ke Baad Kya Sath Jata Hai
मृत्यु के पश्चात (सौ.AI)
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Marne Ke Baad Kya Sath Jata Hai : मृत्यु शाश्वत है जिसने संसार में जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है। कहते हैं कि मरने के बाद कुछ भी साथ नहीं जाता है सब यहीं का यहीं धरा रह जाता है। आदमी खाली हाथ आया था और खाली हाथ चला जाता है लेकिन यह सत्य नहीं है। दुनिया में ऐसी कई बाते हैं, लेकिन वह सत्य नहीं है। आइए जानते हैं कि आदमी जन्म लेता है तो क्या साथ लाता और जब वह मर जाता है तो क्या साथ ले जाता है।

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ क्या 5 चीजें साथ जाती है?

  • कर्म

धर्म ग्रथों में बताया गया है कि मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ कर्म ही जाता है मृत्यु के बाद हमारे द्वारा किये गए कर्म चाहे वो सुकर्म हो अथवा कुकर्म हमारे साथ ही जाता है। मरणोपरांत जीवात्मा अपने द्वारा किये गए कर्मो की पूंजी भी साथ ले जाता है। जिस के हिसाब किताब द्वारा उस जीवात्मा का यानी हमारा अगला जन्म निर्धारित किया जाता है।

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  • पूण्य

धर्म ग्रथों में ये भी बताया गया है कि मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ कर्म के अलावा, पूण्य भी साथ जाता है। हमारे द्वारा किये गए दान-दक्षिणा व परमार्थ के कार्य ही हमारे पुण्यों की पूंजी होती है। इसलिए हमें समय-समय पर अपने सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा एवं परमार्थ और परोपकार आवश्य ही करने चाहिए।

  • वासना

धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ वासना भी साथ जाता है। वासना कामना का ही दूसरा रूप है। वासना का अर्थ केवल शारिरिक भोग से नही अपितु इस संसार मे भोगे हुए हर उस सुख से है। जो उस जीवात्मा को आनन्दित करता है। फिर वो घर हो ,पैसा हो ,रूतबा हो,या शौर्य। गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु समय निकट होने के बाबजूद अपने घर परिवार बच्चों के सुख दुख के बारे में सोचता रहता हैं और अधूरी चाहतों को लेकर बेचैन रहता हैं इसी बेचैनी के साथ मृत्यु को प्राप्त करता हैं। यही वासनाएं मनुष्य के साथ ही जाती हैं और मोक्ष प्राप्ति में बाधक होती है।

  • कर्ज़

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ वासना के अलावा कर्ज़ भी साथ जाता है। यदि मनुष्य ने हमने -आपने जीवन मे कभी भी किसी प्रकार का ऋण लिया हो तो उस ऋण को यथासम्भव उतार देना चाहिए। ताकि मरणोपरांत इस लोक से उस ऋण को उस लोक में अपने साथ न ले जाना पड़े।

  • कामना

बताया गया है कि,यदि मृत्य के समय मनुष्य के मन मे किसी वस्तु विशेष के प्रति कोई इच्छा शेष रह जाती है। कोई इच्छा अधूरी रह जाती है। कोई अपूर्ण इच्छा रह जाती है। तो मरणोपरांत भी वही इच्छा उस जीवात्मा के साथ जाती है।

अगर ऐसी किसी कामनाए के लिए आपकी मृत्यु हो जाती हैं तो पुनः जन्म लेना पड़ता हैं। फिर वही कामना जीवात्मा में पा लेता हैं। गरुड़ा पुराण के अनुसार अन्तिम समय में सिर्फ ईश्वर भजन और ईश्वर की कामना करनी चाहिए।

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