अधिक मास( सौ.AI)
Adhik Maas 2026 Mistakes: श्रीहरि भगवान विष्णु को समर्पित अधिकमास इस वर्ष 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहने वाला है। सनातन धर्म में इस पवित्र माह का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में किए गए जप, तप और दान का फल अन्य महीनों की तुलना में दस गुना अधिक मिलता है। हालांकि ज्योतिष एवं धर्म गुरु के अनुसार, इस दौरान कुछ खास नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है।
ज्योतिषयों के अनुसार,अधिक मास को सनातन धर्म में विशेष महत्व है। लेकिन, इस दौरान शुभ एवं मांगलिक कार्य जैसे शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार और नए घर का निर्माण शुरू नहीं करना चाहिए।
इस महीने नया कारोबार शुरू करना या कोई सामान जैसे गाड़ी या प्लॉट खरीदने से भी बचना चाहिए।
इस महीने में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन वर्जित माना गया है।
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इस दौरान किसी का अपमान करना, झूठ बोलना या वाद-विवाद में पड़ना पुण्य फलों को नष्ट कर सकता है।
अधिक मास का समय धार्मिक कामों के लिए विशेष माना जाता है। अगर आप इन दिनों संयम रखते हैं और वर्जित कामों से बचते हैं, तो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस समय की गई छोटी सी पूजा भी आपकी बड़े संकटों से रक्षा करती है।