Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

आस्था और आरोग्य का संगम दक्षिण भारत में क्यों है रथ सप्तमी का इतना बड़ा महत्व

Surya Jayanti: दक्षिण भारत में रथ सप्तमी का महत्व सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और आरोग्य का संगम है। इस दिन भगवान सूर्य की पूजा से स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की जाती है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jan 24, 2026 | 06:36 PM

रथ सप्तमी (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Rath Saptami Arghya: कल, 25 जनवरी 2026 को रथ सप्तमी मनाई जा रही है। दक्षिण भारत में यह पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ बड़े उत्साह से मनाया जाता है। रथ सप्तमी यानी सूर्य जयंती माघ शुक्ल सप्तमी को सूर्य देव के जन्म और उनके रथ के उत्तरायण होने के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। इसे फसल, स्वास्थ्य और नई शुरुआत का पर्व माना जाता है। इस दिन सूर्य मंदिरों में विशेष पूजा होती है और लोग अर्क के पत्तों के साथ स्नान करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और लोग सेहतमंद रहते हैं। मुख्य रूप से इस मान्यता के आधार पर इसे आरोग्य सप्तमी भी कहा जाता हैं।

दक्षिण भारत में रथ सप्तमी मनाने के प्रमुख कारण

उत्तरायण का प्रतीक

दक्षिण भारत में रथ सप्तमी मनाने के प्रमुख कारण है कि इस दिन सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ को दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पूर्व की ओर मोड़ते हैं। यह शीत ऋतु के अंत और फसल कटाई के मौसम का संकेत माना जाता है।

सम्बंधित ख़बरें

रथ सप्तमी पर बन रहे 5 शुभ संयोग, कुंडली के सूर्य दोष को दूर करने के लिए क्या करें जानिए

नर्मदा जयंती 2026 शिव के पसीने से हुआ जन्म, जानिए क्यों ‘प्रलय’ में भी अमर है मां नर्मदा!

जिसे अपना समझते हो वही छोड़ जाता है, प्रेमानंद जी महाराज की सच्ची घटना जो सोच बदल देगी

एक शाप, एक भूल और कर्ण की हार: महाभारत का सबसे बड़ा भ्रम टूटा

आरोग्य दिवस

रथ सप्तमी को आरोग्य दिवस भी कहा जाता है। इस दिन सूर्य की पूजा से अच्छी सेहत मिलती है और रोग दूर होते हैं।

विशेष स्नान की परंपरा

दक्षिण भारत में लोग आक (अर्क) के पत्तों को सिर और कंधों पर रखकर स्नान करते हैं, जिसे शारीरिक शुद्धि और रोगमुक्ति के लिए शुभ माना जाता है।

प्रसिद्ध सूर्य मंदिर

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले स्थित अरसावल्ली सूर्य नारायण स्वामी मंदिर में यह पर्व भव्य रूप से मनाया जाता है और इसे राज्य उत्सव का दर्जा प्राप्त है।

सांस्कृतिक व कृषि महत्व

यह पोंगल के बाद मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है, जो किसानों के लिए नई समृद्धि और भरपूर फसल का प्रतीक माना जाता है।

ये भी पढ़ें-रथ सप्तमी पर बन रहे 5 शुभ संयोग, कुंडली के सूर्य दोष को दूर करने के लिए क्या करें जानिए

रथ सप्तमी का आध्यात्मिक लाभ

रथ सप्तमी पर सूर्य देव की पूजा करने से आत्मिक शुद्धि होती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए जप, ध्यान और दान से पापों का नाश होता है तथा ज्ञान, आत्मबल और सकारात्मकता में वृद्धि होती है। सूर्य उपासना से जीवन में उन्नति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है।

Aashtha arogya sangam rath saptami south india importance

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 24, 2026 | 06:36 PM

Topics:  

  • Religion
  • Sanatan Culture
  • Sanatan Hindu religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.