

Aarti Mein Kapoor Kyun Jalate Hain: हिंदू पूजा-पद्धति में आरती के दौरान कपूर जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। आरती में कपूर जलाने की परंपरा केवल पूजा का हिस्सा नहीं है, बल्कि इससे घर में शांत और खुशबूदार माहौल भी बनता है। इससे घर में पॉजिटिविटी आती है।
आध्यात्मिक रूप से कपूर बिना राख छोड़े पूरी तरह जल जाता है, इसलिए इसे अहंकार छोड़कर ईश्वर के समक्ष खुद को पूरी तरह समर्पित करने और अज्ञानता से ज्ञान की ओर बढ़ते रहने का प्रतीक भी माना जाता है।
कपूर की सबसे खास बात यह है कि यह जलने के बाद राख या कोई ठोस अवशेष नहीं छोड़ता। पूजा में इस्तेमाल होने वाला शुद्ध कपूर लौ के साथ धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म हो जाता है। इसी वजह से इसे ईश्वर के सामने पूरी तरह से समर्पित हो जाने का प्रतीक माना जाता है।
इससे यह सीख मिलती है कि जिस तरह कपूर जलकर अपना कोई निशान नहीं छोड़ता, उसी तरह भक्त को भी अपने अहंकार और मैं की भावना को छोड़कर ईश्वर के सामने समर्पित होना चाहिए।
आरती के दौरान जलाई जाने वाली कपूर की चमकती लौ को अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीक माना जाता है। यह लौ अज्ञान को दूर कर ज्ञान और जागरूकता की ओर बढ़ने का संदेश देती है। इसी वजह से पूजा के अंत में की जाने वाली आरती में कपूर की लौ को केवल रोशनी नहीं, बल्कि भीतर के अंधकार को दूर करने वाली ज्योति के रूप में देखा जाता है।
कपूर की एक खासियत है वह मोम की तरह पिघलता नहीं, बल्कि सीधे जलकर समाप्त हो जाता है। इसे त्याग और बिना किसी स्वार्थ के भक्ति से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि जहां सच्ची भक्ति होती है, वहां कोई स्वार्थ या अपेक्षा नहीं होती है। इसकी जगह व्यक्ति में समर्पण और त्याग का भाव आ जाता है। कपूर को इसी भावना का प्रतीक माना जाता है।
आरती के बाद घरों और मंदिरों में आरती लेने की परंपरा है। लोग कपूर की आरती की लौ के ऊपर हाथ फेरते हैं और फिर उसे अपने चेहरे या सिर तक ले जाते हैं। इसे ईश्वर की आरती से मिलने वाला आशीर्वाद माना जाता है।
कपूर की सुगंध भी पूजा के वातावरण को अलग अनुभव देती है। इसकी खुशबू के कारण कई लोगों को पूजा के दौरान वातावरण शांत और ध्यान केंद्रित करने में मदद करने वाला महसूस होता है।
कपूर जलाने को वातावरण से नकारात्मकता दूर करने और सकारात्मकता लाने का तरीका भी माना जाता है। इसी वजह से कई घरों में आरती के बाद कपूर की लौ को घर के हर कोने में घुमाया जाता है।