Vaishakh Amavasya:17 अप्रैल वैशाख अमावस्या पर जरूर करें ये काम, पितरों का मिलेगा अटूट आशीर्वाद
Vaishakh Amavasya Vrat Katha :वैशाख अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित माना जाता है। 17 अप्रैल को इस दिन किए गए विशेष उपाय और पूजा-पाठ से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- Written By: सीमा कुमारी
वैशाख अमावस्या (सौ.Gemini)
Vaishakh Amavasya 2026:धार्मिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से वैशाख अमावस्या का बड़ा महत्व है। इस बार यह अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जा रही है। यह महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र होता है और इसे दान, पुण्य, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
Vaishakh Amavasya वैशाख अमावस्या का महत्व
वैशाख अमावस्या का महत्व धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से अत्यंत विशेष माना जाता है। यह तिथि पितृ दोष की शांति के लिए खास मानी जाती है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मान्यता है कि इस दिन किए गए दान और पूजा का फल सीधे पूर्वजों तक पहुंचता है, जिससे जीवन की बाधाएं कम होती हैं। इसके साथ ही यह दिन आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण है। लोग व्रत रखते हैं, पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और भगवान की आराधना कर सकारात्मक ऊर्जा और शांति प्राप्त करते हैं।
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कब है वैशाख महीने की अमावस्या
- वैशाख महीने की अमावस्या तिथि आरंभ: 16 अप्रैल, रात्रि 8:11 मिनट पर
- वैशाख महीने की अमावस्या तिथि समाप्त: 17 अप्रैल, सायं 5: 21 मिनट पर
- उदयातिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को रहेगीस्नान-दान का शुभ मुहूर्त
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त:
प्रातः 5:54 से 10:44 बजे तक है
पितरों की प्रसन्नता के लिए करें इन मंत्र का जाप
पितरों की प्रसन्नता के लिए इस दिन गंगाजल मिश्रित जल से स्नान, तर्पण, और ‘ॐ सर्व पितृ देवाय नमः’ मंत्र का जप करें।
पितृ गायत्री मंत्र- ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृ प्रचोदयात् सामान्य मंत्र- ॐ पितृभ्यः नमः या ॐ सर्व पितृ देवाय नमः तर्पण मंत्र- ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः
शांति मंत्र- ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
वैशाख अमावस्या पर क्या दान करना होता है शुभ ?
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अन्न, जल, वस्त्र का दान
वैशाख अमावस्या पर दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, जल, वस्त्र, तिल, गुड़, छाता, जूते और भोजन का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
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जरूरतमंद लोगों को भोजन
विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना या उन्हें आवश्यक वस्तुएं देना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
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तिल और जल का दान
इसके अलावा पितरों की शांति के लिए तिल और जल का दान करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं ।
