बेसबॉल खिलाड़ी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, दी गई थी रूह कंपाने वाली यातना, फेफड़ों में धंसी मिलीं पसलियां
Monu Murder Case: राजस्थान के वॉलीबॉल खिलाड़ी की हरियाणा में बेरहमी से हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग विवाद बताया जा रहा है। जानें पीएम रिपोर्ट में क्या आया।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
मृतक वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू, फोटो- सोशल मीडिया
Rajasthan Volleyball Player Murder: राजस्थान के 21 वर्षीय स्टेट लेवल वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू को हरियाणा के फरीदाबाद में तीन दिन तक बंधक बनाकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। इस सुनियोजित हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का विवाद बताया जा रहा है, जिसमें पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एक उभरता हुआ खिलाड़ी, जिसने खेल के मैदान में कई मेडल जीतकर अपने परिवार का नाम रोशन किया था, वह आपसी रंजिश और तथाकथित ‘सम्मान’ की भेंट चढ़ गया। भिवाड़ी के सैदपुर गांव के रहने वाले 21 वर्षीय मोनू की हत्या ने एक बार लोगों को डरा दिया है।
‘सुनियोजित हत्या’ से सहमा गांव
राजस्थान के स्टेट लेवल वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू का शव मिलने के बाद से इलाके में तनाव व्याप्त है। परिजनों का आरोप है कि मोनू को फरीदाबाद के तिगांव क्षेत्र के पास खेतों में बने एक मकान और ट्यूबवेल पर तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। इस दौरान उसे लाठियों और डंडों से इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ग्रामीणों और खिलाड़ियों के बीच इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दरिंदगी का खुलासा
मोनू की मौत के बाद सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को दहलाने के लिए काफी है। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया था। मोनू के सिर और नाक की हड्डियां पूरी तरह टूटी हुई पाई गईं, और पिटाई का आलम यह था कि उसकी पसलियां टूटकर फेफड़ों में धंस चुकी थीं। पूरे शरीर पर गहरे जख्मों के निशान यह बयां कर रहे थे कि उसे मरने से पहले कितनी असहनीय यातनाएं दी गई थीं। हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए थे।
प्रेम प्रसंग बना कारण
इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की वजह एक प्रेम प्रसंग बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, मोनू का फरीदाबाद की एक नाबालिग लड़की के साथ पिछले आठ महीनों से संबंध था, जिसका लड़की का परिवार कड़ा विरोध कर रहा था। करीब एक महीने पहले जब लड़की घर छोड़कर चली गई थी, तो मोनू पर अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। हालांकि लड़की मिल गई थी, लेकिन रंजिश खत्म नहीं हुई। 17 मई को जब मोनू पुलिस जांच में शामिल होने फरीदाबाद गया, तो लड़की के परिजनों ने कथित तौर पर उसे रास्ते से अगवा कर लिया और इस वारदात को अंजाम दिया।
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15 आरोपियों पर मुकदमा
घटना की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 महिलाओं समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस की टीमें अब फरार आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं।
