अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे मंत्री संजय शर्मा, 4 घंटे में झुका प्रशासन

Rajasthan Minister Protest: राजस्थान में मंत्री संजय शर्मा 7 साल से अटकी सफाईकर्मियों की भर्ती के विरोध में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे। प्रशासन ने 4 घंटे में 5 पात्रों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
Rajasthan Minister Sanjay Sharma Sits On Dharna Against Own Government For Sanitation Workers Recruitment
संजय शर्मा सोशल मीडिया
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Sanjay Sharma Sits On Protest Against Own Government: राजस्थान की राजनीति में बुधवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सबको हैरान कर दिया। अक्सर विपक्ष को सरकार के खिलाफ धरने पर बैठते देखा जाता है, लेकिन अलवर में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा खुद अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। मामला सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ा था, जो पिछले 7 सालों से अधर में लटकी हुई थी। मंत्री के इस कड़े रुख का असर यह हुआ कि महज 4 घंटे के भीतर प्रशासन ने घुटने टेक दिए और 5 पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र थमा दिए।

7 साल का लंबा इंतज़ार और नगर निगम में हंगामा

राजस्थान में अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती का मामला साल 2019 (करीब सात साल पहले) से लंबित चल रहा था। पात्र होने के बावजूद अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक चुके थे। आगामी निगम चुनावों को देखते हुए कर्मचारियों ने अपना धैर्य खो दिया और कार्य बहिष्कार कर नगर निगम परिसर में ही धरने पर बैठ गए। जब यह खबर वन मंत्री संजय शर्मा तक पहुंची, तो वे प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना सीधे निगम पहुंचे और कर्मचारियों के बीच जमीन पर बैठ गए।

अफसरशाही पर बरसे मंत्री

धरने के दौरान मंत्री संजय शर्मा का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने सीधे तौर पर जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला और नगर निगम आयुक्त पर लापरवाही का आरोप लगाया। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी और ढुलमुल रवैये के कारण सरकार की जनहितकारी योजनाएं आम जनता तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र युवाओं के हक को अफसरशाही की फाइलों में दबने नहीं दिया जाएगा।

जयपुर तक मची हलचल, 4 घंटे में हुआ 'न्याय'

जैसे ही एक कैबिनेट मंत्री के अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने की खबर सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर फ्लैश हुई, जयपुर स्थित शासन सचिवालय में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक मशीनरी तुरंत सक्रिय हुई और आनन-फानन में फाइलों को क्लियर किया गया। करीब 4 घंटे के कड़े विरोध के बाद प्रशासन ने 5 सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंप दिए, जिसके बाद मंत्री ने अपना धरना समाप्त किया।

16 अगस्त को फिर बड़ा धमाका

मंत्री संजय शर्मा ने भरोसा दिलाया है कि यह जीत केवल 5 नियुक्तियों तक सीमित नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि 16 अगस्त को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान अन्य सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। मंत्री के इस तेवर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपनी ही सरकार के भीतर रहते हुए भी जनता के हक के लिए अधिकारियों से टकराने को तैयार हैं।

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वकीलों की समस्या का भी होगा समाधान

सफाई कर्मचारियों के मुद्दे को सुलझाने के बाद मंत्री ने स्थानीय वकीलों को भी राहत का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि वकीलों के बैठने के लिए कोर्ट की जमीन से जुड़े विवाद का भी जल्द ही सुखद समाधान निकाला जाएगा। मंत्री के इस 'एक्शन मोड' ने न केवल कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ाई है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है।

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