राजस्थान कांग्रेस में फिर खुली अदावत: गहलोत-पायलट समर्थक भिड़े, जोधपुर में जिला अध्यक्ष चुनाव के दौर
Rajasthan Congress में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की पुरानी अदावत एक बार फिर सामने आ गई है। जोधपुर में जिला अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के दौरान दोनों गुटों के समर्थक पर्यवेक्षक के सामने भिड़ गए।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
शोक गहलोत और सचिन पायलट, फोटो- सोशल मीडिया
Rajasthan News: राजस्थान कांग्रेस में सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच, जिला अध्यक्षों के चुनाव ने संगठन में गहरी फूट को उजागर कर दिया है। जोधपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के फीडबैक कार्यक्रम के दौरान अशोक गहलोत और सचिन पायलट समर्थक आमने-सामने आ गए, जिससे साफ जाहिर होता है कि दोनों नेताओं के बीच अभी भी अदावत जारी है।
राजस्थान कांग्रेस में आंतरिक कलह और गुटबाजी एक बार फिर सतह पर आ गई है। यह घटनाक्रम जोधपुर के सूरसागर क्षेत्र में शनिवार को कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित फीडबैक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। यह अभियान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक प्रयोग है, जिसका उद्देश्य जिले के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय लेकर जिला अध्यक्ष का चयन करना है।
प्रीतम शर्मा और राजेश रामदेव के बीच तीखी
पर्यवेक्षक की मौजूदगी में हंगामा जोधपुर में नए जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया चल रही थी, और कांग्रेस के पर्यवेक्षक सुशांत मिश्रा भी मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान, ‘वन टू वन’ मीटिंग के लिए नाम लिखने को लेकर वरिष्ठ नेता प्रीतम शर्मा और राजेश रामदेव के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए और आपस में उलझ पड़े। मौके पर मौजूद अन्य नेताओं को हस्तक्षेप कर बीच-बचाव करना पड़ा।
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किस बात पर भिड़े दोनों?
‘एक लाइन के प्रस्ताव’ पर विवाद जब बैठक शुरू हुई, तो सूरसागर से पूर्व प्रत्याशी रहे शहजाद खान ने एक प्रस्ताव रखा। उन्होंने पुरानी परंपरा को जारी रखने की बात कही, जिसके तहत ‘एक लाइन का प्रस्ताव’ पास कर जिलाध्यक्ष का चयन आलाकमान पर छोड़ दिया जाता है। इस प्रस्ताव का सचिन पायलट समर्थक माने जाने वाले राजेश सारस्वत और राजेश मेहता ने कड़ा विरोध किया। पायलट समर्थकों ने इसके बजाय पारदर्शी चुनाव की मांग रखी। उनके इस विरोध से बैठक का माहौल गरमा गया, जिससे पार्टी में चल रहे आंतरिक मतभेद और अनुशासनहीनता स्पष्ट रूप से उजागर हो गई।
अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दी प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य सभी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि हाईकमान की भावना के अनुरूप यह उचित नहीं है कि किसी सीनियर लीडर द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया जाए या कार्यकर्ताओं द्वारा किसी विशेष नेता को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव पास करने की खबरें आएं।
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वहीं, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संगठन सृजन अभियान एआईसीसी (AICC) का है और वह सोच समझकर फैसला करती है। उन्होंने कहा कि प्रभारी राय ले रहे हैं और 6 नाम लेकर जाएंगे, जिसके बाद फैसला होगा, और जो भी फैसला होगा वह सबको मंजूर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अशोक गहलोत के ट्वीट की जानकारी नहीं है।
