

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों से निवेश कर प्रदेश के विकास में भागीदार बनने की अपील की।
राजस्थान फाउंडेशन के 11 नए चैप्टर शुरू होने के बाद देश-विदेश में इनकी कुल संख्या 51 हो जाएगी।
रिफाइनरी, उद्योग, जल संरक्षण और हेरिटेज टूरिज्म को राजस्थान के विकास के प्रमुख अवसरों के रूप में पेश किया गया।
Pravasi Rajasthani Samvad: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों से अपनी मातृभूमि के विकास में भागीदार बनने और राज्य में निवेश करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति और समृद्ध विरासत के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं। उनकी मेहनत, कौशल और उद्यमशीलता ने दुनिया में राजस्थान की पहचान मजबूत की है। अब ‘पधारो म्हारे देश’ के साथ ‘पधारो थारे देश’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्हें राजस्थान के विकास में योगदान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजस्थान फाउंडेशन के 11 नए चैप्टर्स शुरू करने की घोषणा की और कॉफी टेबल बुक ‘विकास के सहभागी’ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के विस्तार के तहत 11 नए चैप्टर्स शुरू करने की घोषणा की। इनमें रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी और विशाखापट्टनम में छह चैप्टर्स बनाए जाएंगे। वहीं, सैन फ्रांसिस्को, ज्यूरिख, मिलान और डबलिन में चार नए विदेशी चैप्टर्स स्थापित होंगे। इसके अलावा, स्टॉकहोम में नॉर्डिक चैप्टर बनाया जाएगा, जिसमें स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे और फिनलैंड शामिल होंगे।
इन नए चैप्टर्स के शुरू होने के बाद राजस्थान फाउंडेशन के देश-विदेश में कुल 51 चैप्टर्स हो जाएंगे। इनमें 25 भारत में और 26 विदेश में संचालित होंगे।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी बना रही है। उनके निवेश, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थान अफेयर्स का गठन किया गया है। इसके साथ ही राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल शुरू किया गया और एनआरआर पॉलिसी-2025 जारी की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में जिला प्रवासी प्रकोष्ठ गठित किया गया है। इन प्रकोष्ठों के माध्यम से हर साल कम से कम एक बार प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना जैसे प्रयास आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में राजस्थान आत्मनिर्भरता से आगे बढ़कर विद्युत प्रदाता राज्य बन गया है। आवागमन को सुगम बनाने के लिए नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे विकसित करने के साथ हवाई कनेक्टिविटी का भी विस्तार किया जा रहा है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों से कारोबार करना आसान हुआ है। एमएसएमई क्षेत्र में कंसेंट-टू-ऑपरेट की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। बड़े उद्योगों के लिए यह अवधि 60 दिन निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि व्हाइट कैटेगरी के उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 कर दी गई है। वहीं, राज निवेश पोर्टल पर 18 विभागों की करीब 190 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राजस्थान इंडस्ट्रीज पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026, राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम, राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी और एक जिला-एक उत्पाद नीति के माध्यम से उद्योगों और निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में खनिज संपदा, कृषि उत्पादों, मसालों, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। करीब 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नया ग्रोथ इंजन बन सकती है।
उन्होंने कहा कि रिफाइनरी से निकलने वाले विभिन्न उत्पादों के आधार पर छोटे और बड़े उद्योग स्थापित करने के अवसर पैदा होंगे। प्रदेश में अब तक 472 औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां लगभग 46 हजार औद्योगिक इकाइयां काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों से अपील की कि वे राज्य में निवेश कर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने में योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इसी क्रम में सीकर, झुंझुनूं और चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित किया जा रहा है। शेखावाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए 662 ऐतिहासिक हवेलियों को चिह्नित किया गया है।
उन्होंने बताया कि शेखावाटी की हवेलियों, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 8 दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को 10 दिसंबर को होने वाले प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
भजनलाल शर्मा ने ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने जल संरक्षण के कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक करीब 62 हजार भूजल रिचार्ज और जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है।
कार्यक्रम में राजस्थान फाउंडेशन के विभिन्न चैप्टर्स के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। दुबई, मेलबर्न, नैरोबी, गुवाहाटी, मुंबई और सूरत सहित कई शहरों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। दिल्ली, न्यूयॉर्क और कोलकाता के प्रतिनिधियों ने भी संवाद में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, जयपुर के महापौर सुनील कोठारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी मौजूद रहे।