राजस्थान को मिलेगी बड़ी सौगात: जल्द ही पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन कर सकते हैं पीएम मोदी
Rajasthan के बालोतरा में स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जनवरी को इस 9 मिलियन टन क्षमता वाली परियोजना का उद्घाटन कर सकते हैं।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
बालोतरा रिफाइनरी, फोटो- सोशल मीडिया
Balotra Refinery Opening Date: राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में जनवरी 2026 एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थापित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी अब उद्घाटन के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 जनवरी को इस महापरियोजना के संभावित शुभारंभ के साथ ही प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए युग की शुरुआत हो सकती है।
पचपदरा में निर्मित यह परियोजना केवल एक रिफाइनरी नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। इसकी वार्षिक क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन है। यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार, यह कॉम्प्लेक्स न केवल पेट्रोलियम क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
बजट में भारी बढ़ोतरी: 6 हजार से 79 हजार करोड़ तक का सफर
इस प्रोजेक्ट की लागत में समय के साथ बड़ा बदलाव देखा गया है। शुरुआत में इस परियोजना की अनुमानित लागत काफी कम थी, जो निर्माण और अन्य कारणों से बढ़कर पहले 72,937 करोड़ रुपये और अब संशोधित होकर 79,459 करोड़ रुपये हो गई है। इस परियोजना में ऋण और इक्विटी का अनुपात 2:1 रखा गया है। राज्य सरकार की इसमें 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसके तहत सरकार ने अतिरिक्त अंश पूंजी के रूप में 565.24 करोड़ रुपये का भुगतान करने की मंजूरी दी है।
सम्बंधित ख़बरें
Myanmar President Visit: म्यांमार के राष्ट्रपति भारत पहुंचे, बोधगया से शुरू हुआ पांच दिवसीय दौरा
कर्नाटक में आज चुना जाएगा विधायक दल का नेता, कांग्रेस ने बुलाई अहम बैठक, DK के नाम पर लगेगी मुहर!
Telangana SIR: वोट कटने की आशंका को लेकर तेलंगाना सरकार सतर्क, बनाई ये खास रणनीति
नवभारत विशेष: कर्नाटक में फेरबदल क्या गुल खिलायेगा ?, जाति सर्वे रिपोर्ट में नए आरक्षण फार्मूले की मांग
2013 से 2026: एक दशक लंबा इंतजार
रिफाइनरी का इतिहास राजनीतिक खींचतान और तकनीकी देरी से भरा रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2013 में इसे शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन आर्थिक कारणों से यह धरातल पर नहीं उतर सकी।, इसके बाद 2017 में एक नया एमओयू (MOU) साइन किया गया और काम में तेजी आई। हालांकि, इसकी समय सीमा अक्टूबर 2022 से बढ़ाकर जून 2023 की गई थी, लेकिन अब जाकर यह पूरी तरह तैयार हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजस्थान के आर्थिक भविष्य का प्रतीक बताया है।
यह भी पढ़ें: गला काटना हमसे बेहतर कोई नहीं जानता: बांग्लादेशी कट्टरपंथियों को तेमजेन इमना अलोंग की दोटूक वार्निंग
अगला लक्ष्य: जुलाई 2026 तक पेट्रोकेमिकल सेक्शन
रिफाइनरी का उद्घाटन जनवरी में होने जा रहा है, लेकिन इसका दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा यानी पेट्रोकेमिकल सेक्शन 1 जुलाई 2026 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर भारी निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास की उम्मीद है। प्रशासनिक स्तर पर प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं, जिससे पूरे मारवाड़ क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
