राजस्थान के नीमराना में बड़ा हादसा…निजी कबाड़ गोदाम में धमाके के बाद लगी आग, 4 लोग जिंदा जले
Neemrana Fire: नीमराना के मोहलडिया गांव में एक कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग में 4 लोग जिंदा जल गए, जिनमें दो मासूम बच्चियां भी शामिल हैं। प्रशासन ने गोदाम मालिक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
राजस्थान के नीमराना में निजी कबाड़ गोदाम में लगी आग (Image- Social Media)
Neemrana Fire Incident: नीमराना के औद्योगिक क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मोहलडिया गांव स्थित एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। इस घटना में चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें दो पुरुष और दो मासूम बच्चियां शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और शोक का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में दोपहर के समय अचानक आग भड़क उठी। वहां मौजूद प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया।
4 लोग जिंदा जले
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। अपर्णा गुप्ता और सतवीर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। नीमराना, बहरोड़ और आसपास के क्षेत्रों से दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
सम्बंधित ख़बरें
Mock Drill: पंजाब-राजस्थान में हाई-अलर्ट! कलेक्ट्रेट में 5 बम धमाके और ब्लैकआउट, प्रशासन ने ऐसे किया मुकाबला
बांग्लादेश में बड़ा आतंकी प्लान फेल, संसद भवन और सेना मुख्यालय समेत कई ठिकाने थे निशाने पर; हाई अलर्ट जारी
कुछ दिनों पहले पड़ी थी रेड…आज BJP में हुए शामिल, जानें कौन हैं अशोक मित्तल और संदीप पाठक
बांग्लादेश वायु सेना में आतंकी सेंधमारी! ढाका एयर बेस से गिरफ्तार किए गए 10 एयरमैन, जानें क्या है पूरा मामला
उपखंड अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मृतक आग लगने के समय गोदाम के भीतर ही मौजूद थे और तेज लपटों के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक झारखंड के रहने वाले थे।
प्रशासनिक कार्रवाई
राजस्थान प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोदाम मालिक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि गोदाम में जरूरी सुरक्षा मानकों, जैसे अग्निशमन उपकरण और अनापत्ति प्रमाण पत्र, मौजूद थे या नहीं।
यह भी पढ़ें- मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की आग: उखरुल में नागा और कुकी गुटों के बीच खूनी जंग, 3 की मौत; कई घरों को फूंका
इलाके में पसरा मातम
इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहलडिया गांव और आसपास के इलाकों में गहरा दुख और आक्रोश है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है।
