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भरतपुर में अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले में घायल सिक्योरिटी गार्ड का बयान सामने आया।
पूर्व विधायक की मौत पर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
जीतराम चौधरी ने बताया कि इसकी योजना लंबे समय से बनाई जा रही थी।
Atar Singh Bhadana Murder Case: राजस्थान के भरतपुर में माइनिंग विवाद को लेकर पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर 70-80 ग्रामीणों ने मिलकर पीटा। घायल और लहूलूहान अतर सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
इस हमले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने राजस्थान पुलिस पर सवाल उठाए है। उनका कहना है कि पुलिस को पहले से ही इस विवाद की जानकारी थी, फिर भी पुलिस ने कुछ नहीं किया।
हमले के बाद पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत पर कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा, "अफसोस की बात है कि पुलिस को इस घटना से पहले के हालात गुंडागर्दी और हमले की योजना के बारे में पहले से पता था। यह जानकारी होने के बावजूद, पुलिस अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रही। पुलिस को पता था कि उस जगह पर विवाद चल रहा था जहाँ माइनिंग का काम हो रहा था। अगर कानून-व्यवस्था का कोई मुद्दा था, तो वे उस जगह को जब्त कर सकते थे।"
हमले के बाद पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत पर पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा, एक जन प्रतिनिधि पूर्व विधायक को दिन-दहाड़े उनके काम की जगह पर घेरकर मार डाला जाना एक अभूतपूर्व घटना है। अगर सबसे सख्त कार्रवाई नहीं की गई, और अगर अपराधियों को बचाने वाली सुरक्षा की परतों को हटाकर उन्हें बेनकाब और जेल नहीं भेजा गया, तो पूरे राजस्थान में अपराधियों का हौसला बढ़ जाएगा।
प्रहलाद गुंजल ने आगे कहा अगर ऐसी मिसाल कायम होती है कि जन प्रतिनिधियों की हत्या की जा सकती है, तो इसे अपराधियों के लिए खुला रास्ता समझें। भजनलाल शर्मा सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटना पहली बार हुई है, इसलिए मेरा मानना है कि नैतिक आधार पर उन दोनों को इस्तीफा दे देना चाहिए।
भरतपुर में माइनिंग विवाद को लेकर ग्रामीणों द्वारा पूर्व बीजेपी विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में घायल प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड गगन शर्मा का बयान सामने आया है। सिक्योरिटी गार्ड गगन शर्मा ने बताया, "वे अचानक पहाड़ी पर चढ़कर आए। उन्होंने लाइटें काट दीं और अंधेरा हो गया।"
गार्ड ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उसके बाद क्या हुआ। फिर उन्होंने मुझ पर हमला किया और मैं बेहोश हो गया। मुझे उसके बाद की कोई बात याद नहीं है। अंधेरे में मुझे पता नहीं चल रहा था कि वे कहां हैं। मैं बॉडीगार्ड नहीं हूं, मैं सिक्योरिटी गार्ड हूं। मैं सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहा था और मैं मेस का इंचार्ज था। हमारा काम बस खाना बनाना था, जिसमें रोटी और सब्जी शामिल थी।"
हमले के बाद पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत पर पूर्व विधायक जीतराम चौधरी ने कहा, "इसकी योजना लंबे समय से बनाई जा रही थी। पुलिस को हालात की पूरी जानकारी थी और उन्हें पता था कि कार्रवाई की जरूरत है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना बहुत जरूरी है।"
माइनिंग से जुड़े विवादों के बारे में पुलिस और प्रशासन को रोजाना रिपोर्ट देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। रविवार शाम अचानक 70-80 ग्रामीण वहां पहुंचे और भड़ाना पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों के बीच दो साल से विवाद चल रहा था, जिसके कारण कई बार झड़पें हुईं।