आप सरपंच हरबिंदर सिंह सी हत्या (सोर्स- सोशल मीडिया)
AAP Leader Murder: पंजाब में आम आदमी पार्टी के एक और नेता की हत्या कर दी गई है। तरनतारन से आम आदमी पार्टी के सरपंच हरपिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना फतेहाबाद इलाके के एक फार्महाउस में हुई, जहां सरपंच एक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।
चार हमलावरों ने अचानक सरपंच और उनके चचेरे भाई पर गोलियां चला दीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्हें अमृतसर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से शादी में अफरा-तफरी मच गई।
थट्टियां महंता गांव के सरपंच हरपिंदर सिंह अपने चचेरे भाई जर्मनजीत सिंह के साथ फार्महाउस में एक शादी समारोह में आए थे। जब हरबिंदर सिंह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ स्टेज पर डांस कर रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चला दीं। हरबिंदर सिंह के पेट और सिर में चार गोलियां लगीं, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। जब जर्मनजीत सिंह ने हमलावरों का पीछा किया तो उन्होंने उन्हें भी गोली मार दी।
हमला करने के बाद चारों हमलावर भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। हमलावरों की पहचान के लिए फार्महाउस के अंदर और बाहर लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। घटना के बाद SSP सुरिंदर लांबा भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। पुलिस के मुताबिक, पूरी तरह से जांच के बाद हमला किया गया था।
इससे पहले इसी महीने की तारीख को पंजाब के तरनतारन में ही चीमा खुर्द गांव के आम आदमी पार्टी के सरपंच गुरभेज सिंह की पूर्व सरपंच शरणजीत सिंह और उसके साथियों ने धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक यह चुनावी रंजिश का नतीजा था।
यह भी पढ़ें: एमपी में तंत्र-मंत्र के लिए गर्लफ्रेंड को मार डाला, मुस्कुराकर बोला-छोड़ो जो हुआ, सो हो गया यार, Video देखें
इसी दिन जालंधर में गुरुद्वारा साहिब के पास आम आदमी पार्टी के नेता लकी ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब तरनतारन में एक और सरपंच की हत्या कर दी गई है। सिर्फ 12 दिनों में आम आदमी पार्टी के तीन नेताओं की हत्याओं से पंजाब में दहशत का माहौल है।
इस बीच विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगा रही हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि पंजाब में चुन-चुन कर ‘आप’ नेताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?