कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन फोटो)
Policemen Murder Case: गुरदासपुर में भारत-पाक सीमा के समीप आदियां पुलिस चौकी पर बाइस फरवरी को हुए हमले के मुख्य साजिशकर्ता रणजीत सिंह को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। उस आतंकी हमले में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शहीद हो गए थे। इस हत्याकांड में शामिल एक अन्य आरोपी दिलावर सिंह को पुलिस पहले ही अपनी गिरफ्त में ले चुकी है, जबकि तीसरा आरोपी इंद्रजीत सिंह फिलहाल फरार है।
एनकाउंटर के बाद अमृतसर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट रूप से बताया कि दोनों पुलिस जवानों की हत्या कोई आम वारदात नहीं थी, बल्कि यह एक सोची-समझी टारगेट किलिंग थी। इस हत्याकांड की साजिश सीमा पार रची गई थी और इसे पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर अंजाम दिया गया था।
जांच के दौरान यह पता चला है कि रणजीत, दिलावर और इंद्रजीत लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स के संपर्क में थे। इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों को चार लाख रुपये का लालच दिया गया था। इसमें से दिलावर को बीस हजार रुपये मिलने थे और उसे तीन हजार एडवांस मिल चुके थे। पुलिस तफ्तीश कर रही है कि इन्हें तीन लाख रुपये किससे लेने थे।
पुलिस अधिकारी डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि आईएसआई ने पैसों का लालच देकर इन तीनों आरोपियों रणजीत, दिलावर और इंद्रजीत से इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिलवाया। तीनों हमलावर घटनास्थल के पास स्थित आदियां गांव के ही निवासी हैं। उन्होंने पहले चौकी की लगातार रेकी की और फिर मौका पाते ही दोनों जवानों की हत्या कर दी।
यह भी पढ़ें: आपसी रंजिश या दुश्मन की साजिश? भारत-पाक सीमा पर दो पुलिस कर्मियों की हत्या, पंजाब में मचा हड़कंप
इस साजिश का मुख्य सरगना उन्नीस वर्षीय रणजीत था, जिसका पहले का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। वहीं, उसके इक्कीस साल के साथी इंद्रजीत पर नशा तस्करी के तीन मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने बाद में बीस हजार रुपये का लालच देकर दिलावर को भी अपनी साजिश में शामिल कर लिया था। पुलिस अब जांच कर रही है कि इन्हें कितने लोगों की हत्या का टास्क मिला था।
डीआईजी ने स्पष्ट किया कि वारदात वाले दिन चेकपोस्ट पर केवल दो ही जवान तैनात थे। इसमें ड्यूटी में लापरवाही का कोई मामला नहीं है। पुलिस उस वीडियो की भी जांच कर रही है, जो घटना के बाद पाकिस्तानी बदमाश भट्टी की तरफ से सामने आया था। अधिकारी ने बताया कि पंजाब सरकार ने दस करोड़ रुपये का फंड दिया है, जिससे सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस को हाईटेक बनाया जाएगा।
दूसरी तरफ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर के एक कार्यक्रम में कहा कि पुलिस चौकी पर शहीद हुए अपने दोनों बहादुर जवानों की शहादत का बदला ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच में इन हमलावरों के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। दरअसल, पड़ोसी देश पाकिस्तान ने ही पंजाब में अशांति और दहशत फैलाने के इरादे से इन्हें स्पांसर किया था।