
जगजीत सिंह डल्लेवाल, फोटो - एक्स
चंडीगढ़ : पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह केंद्र को फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत किसानों की मांगों को स्वीकार करने का निर्देश दे। डल्लेवाल का आमरण अनशन शुक्रवार को 25वें दिन में प्रवेश कर गया।
कैंसर रोगी डल्लेवाल (70) आंदोलनरत किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के वास्ते पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। सुप्रीम कोर्ट को लिखे पत्र में डल्लेवाल ने लिखा कि किसानों की मांगों के समर्थन में उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को 25वें दिन में प्रवेश कर चुकी है।
किसान नेता ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से पता चला कि शीर्ष अदालत उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। डल्लेवाल ने लिखा, ‘‘मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं।” उन्होंने कहा कि वह विनम्रतापूर्वक अनुरोध करना चाहते हैं कि सरकारों की ‘‘गलत नीतियों” के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों का जीवन उनके जीवन से अधिक महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा कि एक संसदीय समिति ने सरकार को कृषि उपज के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी एमएसपी लागू करने की सिफारिश की है और तर्क दिया है कि इस तरह के उपाय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और देश को फायदा होगा।
डल्लेवाल ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून से किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। डल्लेवाल ने संसदीय समिति का जिक्र करते हुए लिखा, ‘‘यह संसद की एक सर्वदलीय समिति है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के 31 सांसद शामिल हैं।” उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि संसदीय समिति की रिपोर्ट और किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए एमएसपी गारंटी कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश दें ताकि किसानों की आत्महत्याएं रोकी जा सकें।”
उन्होंने लिखा, ‘‘मैं आपके संज्ञान में यह भी लाना चाहता हूं कि जिन मुद्दों पर हम विरोध कर रहे हैं, वे सिर्फ हमारी मांगें नहीं हैं, बल्कि विभिन्न सरकारों द्वारा हमसे किए गए वादे हैं।” इस बीच, डल्लेवाल का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने शुक्रवार को कहा कि वह काफी कमजोर हो गए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने पहले बताया था कि डल्लेवाल ने अपने अनशन के दौरान कुछ भी नहीं खाया है और वह सिर्फ पानी पी रहे हैं।
किसान नेता ने हालांकि कोई भी चिकित्सा सहायता लेने से इनकार कर दिया है। इस बीच, किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल किसी भी कीमत पर धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वह वहीं रहेंगे जहां अभी हैं।” डल्लेवाल पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर 26 नवंबर से अनशन पर हैं ताकि केंद्र पर फसलों के एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जा सके।
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