जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़: अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका, बठिंडा पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार
Bathinda Spy Network: पंजाब के बठिंडा में पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामलें में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
गिरफ्तार (सोर्स-सोशल मीडिया)
Bathinda Spy Network Busted: पंजाब की बठिंडा पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो लोगों की तलाश जारी है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील इलाके में बिना अनुमति सोलर पॉवर आधारित खुफिया कैमरा लगाकर सेना, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखते है। आरोप है कि ये लोग उसकी फुटेज और वीडियो पाकिस्तान व कनाडा में बैठे देश विरोधी एजेंटों तक पहुंचाने का काम करते थे।
9 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर
पंजाब पुलिस ने बताया कि इस मामले को लेकर थाना थर्मल क्षेत्र में दिनांक 9 जून को एक प्राथमिकी (संख्या 66) दर्ज कराई गई थी। जिसके मुताबिक आधिकारिक गोपनीयता कानून और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पता चला कि बठिंडा-मलोट मार्ग पर अंबुजा फैक्ट्री के सामने सरकारी बिजली के खंभे पर मार्च में एक सोलर ऊर्जा (बिना बिजली और तारों के काम करने वाले)आधारित कैमरा लगाया गया था।
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इस कैमरे में सिम कार्ड भी लगा था। इस कैमरे के माध्यम से दूर बैठकर किसी भी गतिविधियों को लाइव देखा जा सकता था। जांच एजेंसियों के मुताबिक कैमरे को बेहद सुनियोजित तरीके से ऐसे स्थान पर लगाया गया था जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली सभी गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा सके।
राजस्थान तक हो रही थी निगरानी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन कैमरो के माध्यम से राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा क्षेत्रों की ओर जाने वाले सभी सैन्य वाहनों और सुरक्षा बलों की आवाजाही जैसी संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी रखी जा रही थी। कैमरों में जो वीडियो फुटेज कथित तौर पर पाकिस्तान और कनाडा में बैठे देश विरोधी तत्वो और उनके एजेंटों तक पहुंचाई जा रही थी।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ज्योति यादव बैंस के निर्देश पर इस मामलें को लेकर एक विशेष जांच टीमें गठित की गईं। पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, तकनीकी साक्ष्यों और मानव खुफिया तंत्र की मदद से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का काम किया और इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
जांच के दौरान 10 जून को अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के सराए निवासी अशोक सिंह(उम्र-40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के बाद 14 जून को उसी के गांव से 22 वर्षीय अकासदीप सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अशोक सिंह से पूछताछ के दौरान दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी पाई गई है। जिनकी तलाश में लगातार पुलिस छापेमारी कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत
जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
