पंजाब में उपराष्ट्रपति से ABVP प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात, शिक्षा, छात्र हित और राष्ट्र निर्माण पर हुई चर्चा
ABVP Meeting In Punjab: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट। उच्च शिक्षा, छात्र हितों और 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी' अभियान पर हुई विस्तृत चर्चा।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
पंजाब में उपराष्ट्रपति से ABVP प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात (सोर्स- सोशल मीडिया)
ABVP Delegation Meets Vice President In Punjab: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, उच्च शिक्षा से जुड़े समसामयिक विषयों और छात्र हितों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति को संगठन के विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों, छात्र कल्याण कार्यक्रमों और पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े अहम मुद्दों से अवगत कराया।
बैठक में विश्वविद्यालय की सीनेट में छात्र प्रतिनिधित्व, छात्रावास सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों की नियमित नियुक्ति और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा केंद्र स्थापित करने जैसे विषय प्रमुखता से उठाए गए। इसके अलावा युवाओं में बढ़ती डिजिटल निर्भरता, महिला सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अभियानों पर भी चर्चा की गई। यह उपराष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल की पहली औपचारिक मुलाकात थी।
उपराष्ट्रपति से एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
आपको बता दें कि इस प्रतिनिधिमंडल में अभाविप राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी तथा राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी शामिल थे। उपराष्ट्रपति का दायित्व ग्रहण करने के पश्चात अभाविप प्रतिनिधिमंडल की यह प्रथम औपचारिक भेंट थी।
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जिसमें चर्चा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अभाविप के संगठनात्मक विस्तार, विद्यार्थी हितों के लिए चलाए जा रहे आंदोलनों तथा राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों की रचनात्मक सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की।
60 वर्ष पूर्ण कर रहा एबीवीपी
प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति को बताया कि विद्यार्थी परिषद द्वारा संचालित स्टूडेंट्स एक्सपीरियंस इन इंटरस्टेट लिविंग कार्यक्रम अपने 60 वर्ष पूर्ण कर रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) संगठन का कहना है कि छह दशकों से संचालित यह अभियान देश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर पूर्वोत्तर एवं शेष भारत के विद्यार्थियों के मध्य भावनात्मक एकात्मता, सांस्कृतिक संवाद तथा राष्ट्रीय समरसता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है।
‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान की जानकारी
प्रतिनिधिमंडल ने यहां युवाओं के मध्य बढ़ती डिजिटल निर्भरता की चुनौती का उल्लेख भी किया। अभाविप के ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान की जानकारी उपराष्ट्रपति के साथ साझा की गई। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को मोबाइल एवं स्क्रीन आधारित जीवनशैली से बाहर निकालकर खेल, शारीरिक गतिविधियों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं रचनात्मक सहभागिता की ओर प्रेरित करना है।
युवा शक्ति की भूमिका पर हुआ संवाद
इस दौरान आगामी समय में आयोजित होने वाले विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी उपराष्ट्रपति को दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष, संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव वर्ष तथा वीरांगना रानी अबक्का के अद्वितीय योगदान पर केंद्रित देशव्यापी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की।
साथ ही, महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के क्षेत्र में अभाविप के प्रमुख अभियान ‘मिशन साहसी’ के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी दी।
पंजाब विश्वविद्यालय के मुद्दों पर हुई चर्चा
इसके अगले चरण को पुन देशव्यापी स्तर पर प्रारंभ किए जाने की योजना से उपराष्ट्रपति को अवगत कराया गया। चर्चा के प्रमुख बिंदु के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की सीनेट में निर्वाचित विद्यार्थी प्रतिनिधियों को प्रतिनिधित्व प्रदान किए जाने, बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप छात्रावास अवसंरचना के विस्तार की बात उपराष्ट्रपति के समक्ष रखी।
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छात्र हित और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियमित एवं समयबद्ध नियुक्तियां सुनिश्चित करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया गया।
विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु योग एवं माइंडफुलनेस सेंटर की बात कही। स्थायी परामर्शदाताओं से युक्त विद्यार्थी कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र की स्थापना का विषय भी प्रमुखता से रखा गया।
