आप नेता जर्मल सिंह की हत्या (सोर्स- सोशल मीडिया)
AAP Leader Jarmal Singh Murder: पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी के नेता जर्मल सिंह की हत्या हुई है। यह घटना मैरीगोल्ड रिजॉर्ट में एक शादी समारोह के दौरान हुई, जब जर्मल सिंह अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए रिजॉर्ट पहुंचे थे। अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। जर्मल सिंह एक गांव के सरपंच भी थे। हत्या के बाद, गैंगस्टर डोनी बल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली।
पुलिस ने जर्मल सिंह का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपियों की शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो युवक सरपंच को गोलियां मारते हुए दिख रहे हैं। पुलिस ने इस वीडियो को कब्जे में लेकर वायरल होने से रोका और उन युवकों की पहचान के लिए पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस शादी समारोह में मौजूद लोगों से भी बयान ले रही है।
डोनी बल पंजाब का एक कुख्यात गैंगस्टर है जिसपर हत्या, किडनैपिंग और लूटपाट जैसे कई मामले दर्ज है। डोनी बल ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में दावा किया गया है कि डोनी बल, प्रभ दासुवाल और देवेंद्र बंबीहा ग्रुप ने सरपंच जर्मल सिंह की हत्या की। इसके अलावा, डोनी बल ने यह भी कहा कि जर्मल सिंह पुलिस के साथ मिलकर उनका घर गिराने की कोशिश कर रहा था और उसने इसके लिए 35 लाख की रिश्वत ली थी, जिसे लेकर गंगा ठकरपुरिया ने उसे मार डाला।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने घटना का वीडियो एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि हम अमृतसर में एक शादी समारोह में वाल्टोहा गांव (तरन तारन) के सरपंच जरनैल सिंह की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हैं।
Strongly condemn the cold-blooded murder of Sarpanch Jarmal Singh of Valtoha village (Tarn Taran), who was shot dead at a wedding function in Amritsar today. This follows an extremely worrisome pattern: yesterday, a young man was gunned down in Bhinder Kalan (Moga) and on Friday… pic.twitter.com/nt01hEeQAn — Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) January 4, 2026
इस हत्याकांड को लेकर पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस हत्या की निंदा की और राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता को लेकर चिंता जताई है। पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और विभिन्न संभावित कारणों जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, गैंगस्टर द्वेष, और जालसाजी की जांच कर रहे हैं।
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यह घटना पंजाब में हाल ही में बढ़ते अपराध और अवैध वसूली की घटनाओं का हिस्सा हो सकती है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा नहीं है, बल्कि राज्य में अपराध की स्थिति को लेकर एक बड़ा संकेत है। इससे पहले भी पंजाब में इस तरह की हिंसात्मक घटनाएं सामने आई हैं, जिसने राज्य के गृह विभाग और शासन के मुखिया पर दबाव बढ़ाया है।