नेहरू बनाम मोदी: राघव चड्ढा ने PM मोदी के 4,399 दिनों के रिकॉर्ड कार्यकाल को बताया चुनौतीपूर्ण और ऐतिहासिक पल
Raghav Chadha on PM Modi: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पीएम मोदी के 4,399 दिनों के रिकॉर्ड कार्यकाल को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने लगातार तीन जनादेश को भारतीय लोकतंत्र को असाधारण उपलब्धि बताया।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
राघव चड्ढा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Raghav Chadha On PM Modi Tenure: प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां 140 करोड़ से अधिक लोग, 22 अनुसूचित भाषाएं, सैकड़ों बोलियां, विभिन्न धर्म, जातियां और समुदाय साथ रहते हैं। राज्यसभा सांसद ने यह भी कहा कि इतने कड़े मुकाबले वाले देश का भरोसा बार-बार जीतना, किसी भी पैमाने पर एक कहीं अधिक बड़ी उपलब्धि है।
बिना किसी रुकावट के तीन बार यह भरोसा जीतना तो असाधारण है। इस ऐतिहासिक अवसर पर, मैं भारतीय मतदाताओं की समझदारी को नमन करता हूं और देश के प्रति प्रधानमंत्री के अथक समर्पण को सैल्यूट करता हूं।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किया पोस्ट
सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज इतिहास रचा गया है। 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पद पर लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं। इस तरह उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के कार्यकाल को पीछे छोड़ दिया और हमारे गणतंत्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए।”
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भारत 140 करोड़ लोगों के सभ्यता का देश
उन्होंने इसी क्रम ने आगे लिखते हुए कहा कि, “एक पल रुककर सोचिए कि इसका असल में क्या मतलब है। भारत कोई आम देश नहीं है। यह 140 करोड़ लोगों की एक सभ्यता है। यह 22 अनुसूचित भाषाओं और सैकड़ों बोलियों, कई धर्मों, जातियों, समुदायों और पंथों और अनगिनत क्षेत्रों व जीवन-शैलियों वाले लोगों की धरती है, जो एक साथ रहते हैं।
हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, जहां लगभग 98 करोड़ मतदाता हैं, जो पूरे यूरोप की आबादी से भी अधिक हैं। यह हमारे देश में होने वाली चुनावी प्रक्रिया को शायद दुनिया की सबसे जटिल चुनावी प्रक्रिया बनाता है।”
तीन बार प्रधानमंत्री बनना आसान नहींं
सांसद ने कहा, “इन 140 करोड़ लोगों ने बार-बार इसी नेता को देश की बागडोर सौंपी है। भारत की जनता से लगातार तीन बार (2014 में, 2019 में और 2024 में) जनादेश मिला और हर बार यह भरोसे की एक नई मिसाल थी। इतने विशाल और विविधतापूर्ण देश का भरोसा एक बार जीतना भी बड़ी बात है। बिना किसी रुकावट के तीन बार यह भरोसा जीतना तो असाधारण है।”
पंडित जवाहरलाल नेहरू का किया जिक्र
इसके साथ ही, राघव चड्ढा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की तुलना की। उन्होंने लिखा, “इस बात पर भी गौर करें कि ये दोनों दौर कितने अलग-अलग हैं। पंडित नेहरू जी को जनादेश गणतंत्र के शुरुआती दशकों में मिला था। एक ऐसा दौर जब एक ही पार्टी का दबदबा था और कांग्रेस एक युवा और बिखरे हुए विपक्ष के मुकाबले बहुत मजबूत स्थिति में थी। वहीं, नरेंद्र मोदी को जनादेश एक कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण लोकतंत्र में मिला है, जहां गठबंधन का दौर, मजबूत क्षेत्रीय ताकतें और कई पार्टियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है।”
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देश के मतदाताओं को किया नमन
राघव चड्ढा ने आगे कहा, “पीएम मोदी ने इस चुनौती का पूरी तरह से सामना किया है। 2014 और 2019 में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया (1984 के बाद पहली बार किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला) और फिर 2024 में एक विजयी गठबंधन बनाया और उसका नेतृत्व किया। राज्यसभा सांसद ने यह भी कहा कि इतने कड़े मुकाबले वाले देश का भरोसा बार-बार जीतना, किसी भी पैमाने पर एक कहीं अधिक बड़ी उपलब्धि है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर, मैं भारतीय मतदाताओं की समझदारी को नमन करता हूं और देश के प्रति प्रधानमंत्री के अथक समर्पण को सैल्यूट करता हूं। साथ ही, राघव चड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
