

Indian Hockey Team Jersey Controversy: इंडियन हॉकी फेडरेशन (IHF) ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से पहले से पहले भारतीय हॉकी टीम की जर्सी और किट में बड़ा बदलाव किया है। IHF ने भारतीय टीम की जर्सी के रंग को बदलकर भगवा (सैफरन) कर दिया है। इसे लेकर पूर्व खिलाड़ियों से लेकर विपक्षी नेताओं ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल यूनिफॉर्म का रंग बदलने या शिक्षा नीति से इतिहास नहीं बदला जा सकता। वहीं, पूर्व भारतीय कप्तान विरेन रासक्विना ने हॉकी इंडिया के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘शर्मनाक’ बताया है।
प्रियंका गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार चाहे हॉकी टीम की जर्सी बदल दे या पाठ्यक्रम के जरिए इतिहास को नए सिरे से लिखने का प्रयास करे, देश के युवा सब देख रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर जुटे युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उठी आवाजें देश की असली भावना को दर्शाती हैं। भारत की आजादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर लड़ी गई थी तथा उसमें आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि यह बात पूरा देश जानता है और जो लोग पहले नहीं जानते थे, वे भी अब इसे समझ रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था और देश की आत्मा अहिंसा, सत्य, भाईचारे और एकता में बसती है। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी नफरत फैलाने या समाज को बांटने की कोशिश की जाए, देश की मूल भावना को कोई नहीं बदल सकता। आरएसएस और न ही कोई अन्य संगठन देश की इस आत्मा को छीन सकते हैं। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि राहुल गांधी जिस युवक को मीडिया के सामने लेकर आए थे, उसके शरीर पर मिले पेलेट्स के बारे में सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि वे पेलेट्स आखिर कहां से आए हैं?
इस बीच भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। भारत के पूर्व हॉकी कप्तान विरेन रास्किन्हा द्वारा इस बदलाव पर चिंता जताए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग ‘दिमागी तौर पर दिवालिया’ हो चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि यही सोच जारी रही तो भविष्य में हरे रंग के पेड़ों को भी केसरिया रंग से रंगने की कोशिश की जाएगी।