Nagpur News: ‘मुझे हल्के में मत लेना, मैं बालासाहेब का कार्यकर्ता हूं’, फडणवीस के साथ टकराव के बीच एकनाथ शिंदे ने दिखाए तेवर
महाराष्ट्र में महायुति की सरकार बनने के बाद से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे अपने बयानों से सुर्खियों में हैं। उनके बयान सियासी गलियारों की तपिश बढ़ा रहे हैं। शिंदे लगातार अपने तेवर दिखा रहे हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
एकनाथ शिंदे ने दिखाए कड़े तेवर। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: महाराष्ट्र में महायुति की सरकार बनने के बाद से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे अपने बयानों से सुर्खियों में हैं। उनके बयान सियासी गलियारों की तपिश बढ़ा रहे हैं। शिंदे लगातार अपने तेवर दिखा रहे हैं। इस कड़ी में एक बार फिर नागपुर दौरे पर अपना बयान दोहराया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बढ़ते मतभेद की चर्चा के बीच, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि मुझे हल्के में मत लीजिए, जिन्होंने मुझे हल्के में लिया है, उनसे मैं पहले ही कह चुका हूं। ‘मैं एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता हूं, लेकिन मैं बालासाहब का कार्यकर्ता हूं और सभी को मुझे इसी समझ से लेना चाहिए।’
उन्होंने एमवीए सरकार को गिराने का परोक्ष संदर्भ दिया। शिंदे तब ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को तोड़कर और भाजपा के साथ गठबंधन करके मुख्यमंत्री बने थे। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो समझने में सक्षम हैं। शिवसेना के प्रमुख शिंदे ने कहा कि वह शिवसेना के संस्थापक बालासाहब ठाकरे और शिवसेना नेता दिवंगत आनंद दिघे के कार्यकर्ता थे।
महा विकास आघाड़ी के पतन का किया जिक्र
शिंदे ने स्पष्ट रूप से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी सरकार के पतन का जिक्र करते हुए कहा, ‘2022 में, मैंने उन लोगों की गाड़ी पलट दी, जिन्होंने मुझे हल्के में लिया था, और हम एक नई सरकार लाए, जो लोगों के दिलों में बसी है।’ उन्होंने कहा, ‘डबल इंजन सरकार (शिंदे के नेतृत्व में) पूरी गति से चली और मैंने और देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम 200 से अधिक सीटें जीतेंगे। हमने (2024 के विधानसभा चुनावों में) 232 सीटें जीतीं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे हल्के में न लें। जो लोग इसे समझते हैं, उनके लिए यह संकेत ही काफी है। मैं अपना काम करता रहूंगा।’
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शिंदे और फडणवीस दोनों ने मतभेद से किया इनकार
हालांकि शिंदे और फडणवीस दोनों ने इस बात से इनकार किया है कि कोई मतभेद है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों से पता चलता है कि तनाव बढ़ रहा है। चुनावों के बाद शिंदे को अपनी भूमिका बदलने के लिए सहमत होना पड़ा और पिछली सरकार में उनके डिप्टी रहे फडणवीस मुख्यमंत्री बन गए। एनसीपी नेता अदिति तटकरे और भाजपा नेता गिरीश महाजन को क्रमशः रायगढ़ और नासिक जिलों के पालक मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने से तनाव सामने आया और शिवसेना नेताओं ने नाखुशी जताई। दोनों नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया और फडणवीस ने अभी तक कोई नया निर्णय नहीं लिया है।
‘शीत युद्ध’ नहीं है
संबंधों में तनाव बढ़ने की चर्चा तब और तेज हो गई जब फडणवीस के नेतृत्व वाले गृह विभाग ने शिवसेना के 20 विधायकों की पुलिस सुरक्षा कम कर दी या वापस ले ली। 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद उन्हें सुरक्षा कवर दिया गया था। इस सप्ताह की शुरुआत में शिंदे ने कहा था कि उनके और फडणवीस के बीच बिल्कुल भी ‘शीत युद्ध’ नहीं है। फडणवीस ने भी मेडिकल सेल बनाने के शिंदे के फैसले को कमतर आंका। भाजपा नेता ने कहा, ‘इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि इसका उद्देश्य लोगों की मदद करना है। जब मैं उपमुख्यमंत्री था, तो मैंने इसी तरह का सेल बनाया था।’
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कई बार मिली धमकियां
शिंदे ने कहा कि उन्हें अनेक बार धमकी मिल चुकी है। जब वो शाखा प्रमुख थे, उस दौरान उन्होंने लेडीज बार बंद किया था, उस दौरान खूब धमकियां मिली, जान से मारने की धमकी मिली थी। शिंदे ने कहा कि कई कोशिश हुई लेकिन वो कभी घबराए नहीं। उन्होंने बताया कि वह जब गढ़चिरौली के प्रभारी मंत्री थे, नक्सलवादियों ने भी उन्हें धमकी दी थी।
धमकियों से घबराए नहीं
लेकिन वह कभी उनसे डरे नहीं। शिंदे ने कहा कि गढ़चिरौली पुलिस ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए अच्छा काम किया। सुरजागढ़ में मैंने कई प्रकल्प शुरू करने की शुरुआत की। गढ़चिरौली में नक्सलवाद समाप्त के दौर पर है। अमित शाह ने कहा है कि 2026 तक अपना देश नक्सल मुक्त हो जाएगा। शिंदे ने कहा कि ऐसे में कई बार उन्हें धमकी आई, लेकिन वो धमकियों से घबराए नहीं।
राजू हरणे समर्थकों के साथ शिवसेना में शामिल
उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट को नागपुर में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला अध्यक्ष राजू हरणे ने मशाल को छोड़ते हुए धनुष्यबाण थाम लिया है। कन्हान में आयोजित आभार सभा में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हरणे को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में समर्थक भी शिवसेना में शामिल हुए।
ठाकरे और विरोधियों पर बोला जोरदार हमला
इस दौरान बोलते हुए शिंदे ने ठाकरे और विरोधियों पर जोरदार हमला बोला। विधानसभा चुनाव के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आगामी मनपा, जिला परिषद सहित स्थानीय निकाय चुनाव के पहले शिवसेना को मजबूत करने में लगे हुए हैं। इसी के तहत राज्य में कथित तौर पर ऑपरेशन टाइगर चलाया जा रहा है, जहां अन्य दलों के नेताओं को शिवसेना में शामिल किया जा रहा है। सभा में शिंदे ने उद्धव ठाकरे और विरोधियों पर जोरदार हमला बोला।
