किरायेदारों की बल्ले-बल्ले! बिना दलाल के घर बैठे मिलेगा किराये का घर, नागपुर में लागू होगी म्हाडा की व्यवस्था
Maharashtra Rental Housing: नागपुर में किराये का घर ढूंढना अब आसान होगा। सरकार AI आधारित महाराष्ट्र राज्य रेंटल गृह निर्माण पोर्टल शुरू करेगी, जिसमें वर्चुअल टूर व प्रमाणित मकानों की सुविधा मिलेगी।
- Written By: अंकिता पटेल
महाराष्ट्र रेंटल हाउसिंग पोर्टल, सांकेतिक फोटो (सोर्स-AI)
Maharashtra Digital Rental Housing: नागपुर जिले में किराये पर घर तलाशने वाले नागरिकों और मकान मालिकों के लिए सरकार एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रही है। राज्य में किराये के आवास क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुलभबनाने के लिए ‘महाराष्ट्र राज्य रेंटल गृह निर्माण पोर्टल’ तैयार किया जा रहा है।
किराये के मकानों के लिए इस नई ‘डिजिटल मार्केटप्लेस’ व्यवस्था के तहत न केवल सरकारी संस्थाएं बल्कि निजी डेवलपर्स और आम मकान मालिक भी अपने घर किराये पर देने के लिए पंजीकृत हो सकेंगे। जिस तरह ओला उबेर से कैब चुक करना आसान हुआ है, ठीक उसी तर्ज पर म्हाडा अब ‘महाराष्ट्र राज्य रेंटल गृह निर्माण पोर्टल’ के माध्यम से किरायेदारों और मकान मालिकों को एक सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा।
AI के साथ 360° वर्चुअल टूर, नागपुर में शुरू होगा रेंटल पोर्टल
म्हाडा ने इस रेंटल पोर्टल को तैयार करने के काम की आवश्यक प्रक्रियाएं भी शुरू कर दी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस नए डिजिटल पोर्टल की विशेषता होगी कि ‘महाराष्ट्र राज्य रेंटल गृह निर्माण पोर्टल’ पोर्टल पर लिस्टेड की जाने वाली संपत्तियों का नागरिक घर बैठे एआई तकनीक की मदद से 360 डिग्री वर्चुअल टूर कर सकेंगे।
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यह नई व्यवस्था पूरी तरह से प्रमाणित और विश्वसनीय रहेगी। इसके अलावा किराये पर मकान देने और लेने वाले दोनों ही वर्ग के लिए यह नई डिजिटल व्यवस्था व्यवहार को सरल बनाएगी।
सरकार ने अपने इस सुविधाजनक और डिजिटल प्रोजेक्ट को फिलहाल पहले चरण में राज्य के नागपुर, मुंबई और पुणे में ही लागू करने की योजना बनाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पोर्टल नागपुर में मनपा की सीमा के अलावा ग्रामीण के कुछ क्षेत्रों तक लागू होगा। संभवतः एनएमआरडीए के कार्यक्षेत्र तक यह सुविधा लोगों को मिल सकेगी।
‘वर्चुअल टूर’ कराएगा घर की मौजूदगी का अनुभाव
इस पोर्टल के उपलब्ध होने से किरायेदारों को अब मौके पर जाकर बार-बार घर देखने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। म्हाडा के नए डिजिटल रेंटल पोर्टल में तकनीक का उपयोग कर प्रक्रिया को हाई-टेक और सुरक्षित बनाया जा रहा है। 360-डिग्री वर्चुअल टूर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे अब किरायेदारों को घर देखने के लिए बार-बार मौके पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
इस फीचर के जरिए नागरिक अपने मोबाइल या कम्प्यूटर पर ही घर का वर्चुअल व्यू देख सकेंगे। इससे ऐसा अनुभव मिलेगा मानो आप खुद उस घर के हर कमरे और कोने में खड़े होकर उसे देख रहे हैं। इससे किरायेदारों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
सुरक्षा का डिजिटल कवच होगी ‘ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी’
सिस्टम में डेटा की सुरक्षा और रेट 66 एग्रीमेंट की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आधुनिक ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, नागरिकों की सहायता के लिए 24 घंटे का हेल्पडेस्क और एआई आधारित चैटबॉट भी उपलब्ध रहेगा जो मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में मार्गदर्शन प्रदान करेगा, ब्लॉकचेन एक आधुनिक और बेहद सुरक्षित डिजिटल बही-खाता तकनीक है।
इस पोर्टल में इसका उपयोग मुख्य रूप से 3 बड़े कारणों से किया जा रहा है। ब्लॉकचेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक बार दर्ज हुए रेंट एग्रीमेट, सरकारी आदेश या पेमेंट रिकॉर्ड को कोई भी व्यक्ति (यहां तक कि सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर भी बदल या मिटा नहीं सम्यान इससे फर्जी रेट एग्रीमेंट बनाने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
इसके अलावा जब भी कोई रेंट एग्रीमेंट या आधिकारिक दस्तावेज जनरेट होगा तो ब्लॉकचेन उस पर एक यूनिक डिजिटल कोड लागू कर देगा। इससे किसी भी विवाद की स्थिति में दस्तावेज की असली पहचान तुरंत साबित की जा सकेंगी। इस तकनीक से मकान मालिक और किरायेदार दोनों का डेटा और लीगल दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
म्हाडा के आवास भी ले सकेंगे किराये पर
‘महाराष्ट्र राज्य रेंटल गृहनिर्माण पोर्टल’ की सुविधा पहले चरण में मुंबई, पुणे और नागपुर में ही उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल म्हाडा इसे विकसित करने पर काम कर रहा है। इस पोर्टल के उपलब्ध होने से किरायदार और मकान मालिक दोनों को ही सुविस्था मिलेगी, नई पॉलिसी के तहत म्हाडा के आवास भी किराये पर लिए जा सकेंगे।
– म्हाडा नागपुर, मुख्य अधिकारी, डॉ. विजय इंगोले
घर बैठे तैयार होगा डिजिटल रेंट एग्रीमेंट
किराये पर मकान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए इस पोर्टल पर ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से घर बैठे रेंट एग्रीमेंट तैयार किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, किराया और डिपॉजिट का भुगतान भी यूपीआई व नेटबैंकिंग से सीधे पोर्टल के जरिए किया जा सकेगा।
थानों के चक्करों से भी मिलेगी मुक्ति
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पोर्टल को सीधे पुलिस विभाग के डिजिटल सिस्टम (एपीआई) से लिंक किया जाएगा। इससे किरायेदार और मकान मालिक का पुलिस वेरिफिकेशन पूरी तरह से ऑनलाइन और तेज गति से हो सकेगा।
पारदर्शी विवाद निवारण भी डिजिटल
मकान मालिक और किरायेदार के बीच होने वाले किसी भी विवाद के समाधान के लिए पोर्टल पर एक ऑनलाइन केस मैनेजमेंट सिस्टम भी उपलब्ध रहेगा जिसके तहत डिजिटल माध्यम से ही विवादित मामलों की सुनवाई और निपटारा किया जाएगा।
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AI रोकेगा भ्रामक तस्वीरें
अक्सर ऑनलाइन पोर्टल पर घरी की पुरानी, फर्जी या भ्रामक तस्वीरें अपलोड कर दी जाती हैं। इसे रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। एआई सिस्टम अपलोड की गई तस्वीरों की प्रामाणिकता की जांच करेगा और फर्जी या अनपेक्षित फोटो को तुरंत खारिज कर देगा। इससे केवल असली और सटीक जानकारी ही पोर्टल पर दिखेंगी।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से रियाज अहमद की रिपोर्ट
