अभिनेता-नेता विजय (सोर्स - सोशल मीडिया)
TVK President Vijay Announced Protest In Tamil Nadu: तमिलनाडु की राजनीति में अब अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। पार्टी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। TVK का कहना है कि यह प्रक्रिया लाखों पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर कर सकती है, जिससे लोकतंत्र के अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है। 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले TVK का यह कदम उसकी राजनीतिक सक्रियता और जमीनी पकड़ को मजबूत करने का संकेत देता है।
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष विजय की ओर से जल्द ही इस आंदोलन की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है। खबरों के अनुसार पार्टी का दावा है कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और यह मतदाता समावेशिता पर बुरा असर डाल सकती है। यानी कई योग्य लोग इस प्रक्रिया की खामियों के कारण वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
TVK ने इस मुद्दे को लेकर रविवार को पूरे तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी ने अपने सभी जिला मुख्यालयों पर बड़े प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई है। वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों के निर्देशानुसार, सभी जिला सचिवों और स्थानीय नेताओं को एक तय दिन पर सुबह 11 बजे एक साथ विरोध प्रदर्शन करने का आदेश दिया गया है।
राज्य स्तर के पदाधिकारी मुख्य जिलों में प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे, जबकि निचले स्तर के नेता स्थानीय कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
TVK का मुख्य तर्क यह है कि SIR प्रक्रिया के तहत होने वाली घर-घर जाकर सत्यापन (Door-to-Door Verification) में कई गड़बड़ियां हैं। नेतृत्व को डर है कि इन खामियों के कारण पात्र मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग या तो प्रक्रियात्मक बाधाओं का सामना करेगा या उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। TVK इस विरोध प्रदर्शन को केवल एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में नहीं बल्कि जन-जागरूकता अभियान के तौर पर भी देख रही है। उनका मकसद आम जनता को यह समझाना है कि इस संशोधन प्रक्रिया में क्या खतरे छिपे हैं और यह उनके मतदान के अधिकार को कैसे प्रभावित कर सकता है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान TVK की जिला टीमें चल रहे संशोधन से जुड़ी स्थानीय शिकायतों को भी रिकॉर्ड करेंगी। इसमें बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLO) से जुड़ी शिकायतें मसौदा सूची में गलतियां और नाम गायब होने की खबरें शामिल होंगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इन सभी जानकारियों को इकट्ठा किया जाएगा और विरोध प्रदर्शन के तुरंत बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को एक औपचारिक ज्ञापन के रूप में सौंपा जाएगा।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि TVK का यह कदम 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए उसके राजनीतिक संदेश को तेज करने का एक संकेत है। यह TVK की स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक राज्यव्यापी आंदोलन होने की उम्मीद है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इससे चुनावी माहौल से पहले उनकी संगठनात्मक ताकत को मजबूत करने में मदद मिलेगी।