इतिहास से लेकर आज के भारत तक… स्मृति ईरानी ने गिनाए देश की महिलाओं के सबसे बड़े अधिकार
Smriti Irani in Navbharat Conclave 2026: नवभारत कॉन्क्लेव 2026 में स्मृति ईरानी ने कहा कि मौर्य काल की सुरक्षा से लेकर आज स्वयं सहायता समूहों तक, महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण भारत की प्राचीन परंपरा है।
- Written By: अक्षय साहू
नवभारत द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण कोई पश्चिमी अवधारणा नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहा है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि भारतीय महिलाएं जागरूक और समझदार वोटर हैं। वे विकास और सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखकर मतदान करती हैं और उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
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अपने संबोधन में स्मृति ईरानी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की आधी आबादी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से पूरी तरह सशक्त होगी।
भाजपा नेता ने कहा कि 9 करोड़ स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बड़ी आर्थिक ताकत हैं, जबकि पंचायतों में लाखों निर्वाचित महिलाओं की भूमिका को कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं नजरअंदाज करते हैं।
उन्होंने बताया कि देशभर में 730 से अधिक वन स्टॉप सेंटर और 1065 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए, जिससे लाखों महिलाओं को सहायता और त्वरित न्याय मिला।
स्मृति ईरानी ने मौर्य साम्राज्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं राजा की सुरक्षा में सैनिक और सेनानी के रूप में तैनात थीं, जो भारत की महिला शक्ति का प्रमाण है।
