परिचित ही बन रहे हैं महिलाओं के दुश्मन… NCRB के आंकड़ों पर स्मृति ईरानी का बड़ा बयान, कही ये बात
Navbharat Conclave 2026: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और मीडिया की जवाबदेही पर बात करते हुए महिला सम्मान को सामाजिक आंदोलन बनाने पर जोर दिया।
- Written By: अक्षय साहू
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
Smriti Irani on Women Safety: राजधानी दिल्ली में नवभारत द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मीडिया की जिम्मेदारी, सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और महिला सम्मान के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ समाज और मीडिया की भी बड़ी जिम्मेदारी है कि महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जाए।
स्मृति ईरानी ने कहा कि मीडिया को जनता की भावनाओं और जिम्मेदारियों को समझते हुए पारदर्शिता और आत्म-अनुशासन अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी बाहरी हस्तक्षेप या प्रतिबंध का इंतजार करने के बजाय मीडिया को खुद जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।
डिजिटल सुरक्षा पर सरकार के कदमों की सराहना
सोशल मीडिया का जिक्र करते हुए ईरानी ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से मेटा (Meta) से जुड़े सरकारी कदमों की सराहना करते हुए कहा कि चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज और अश्लील सामग्री पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
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स्मृति ईरानी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री रहते हुए उन्हें जुवेनाइल जस्टिस कानून के तहत साइबर पोर्नोग्राफी को अपराध बनाने वाले प्रावधान को लागू कराने का अवसर मिला। उनके अनुसार, यह बच्चों और महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
मदद मांगने पर तुरंत सहायता मिलनी चाहिए
उन्होंने बताया कि सरकार ने महिलाओं की सहायता के लिए एक एकीकृत हेल्पलाइन नंबर शुरू किया, जिससे अलग-अलग राज्यों की सेवाओं को एक मंच पर लाया गया। ईरानी ने कहा कि उनके कार्यकाल तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस हेल्पलाइन पर करीब 20 करोड़ कॉल्स का जवाब दिया जा चुका था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ताजा सरकारी आंकड़ों की पुष्टि संबंधित विभाग ही कर सकता है।
नवभारत के डायरेक्टर वैभव माहेश्वरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती तब होती है, जब कोई महिला मदद मांगती है और समय पर सहायता नहीं मिलती। उनके अनुसार, केवल योजनाएं बनाना काफी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि जरूरत के समय पीड़ित महिला तक तुरंत मदद पहुंचे।
महिलाओं के खिलाफ हिंसा समाज के लिए चिंता का विषय
स्मृति ईरानी ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली कई हिंसक घटनाएं उनके अपने परिचितों या परिवार के आसपास के लोगों द्वारा की जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामने खड़ा एक गंभीर सवाल है।
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प्रधानमंत्री के संदेश का किया जिक्र
ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी लाल किले की प्राचीर से महिलाओं के सम्मान और गरिमा की बात करनी पड़ी। उन्होंने शौचालय निर्माण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान को सामाजिक आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज, परिवार, मीडिया और हर नागरिक की भी समान जिम्मेदारी है।
