Jagannath Rath Yatra: पुरी घूमने जा रहे हैं? इन फेमस डिशेज का स्वाद लिए बिना अधूरी रहेगी आपकी यात्रा
Jagannath Rath Yatra में पुरी जा रहे हैं तो ओड़िशा के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक पकवान को एक बार जरूर ट्राई करें। ये पकवान भगवान जगन्नाथ को भी बेहद प्रिय हैं। आप भी चखें, जीवनभर नहीं भूल पाएंगे इनका स्वाद।
- Written By: रीता राय सागर
जगन्नाथ मंदिर का महाप्रसाद- जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है। भक्त इस 'महाप्रसाद' को न केवल खा सकते हैं, बल्कि खरीद भी सकते हैं।
संतुला- संतूला ओडिशा की एक मिक्स वेज डिश है। इस स्वादिष्ट व्यंजन में आमतौर पर बैंगन , कच्चा पपीता, आलू, टमाटर, प्याज, कद्दू, गाजर आदि सब्जियां शामिल होती हैं। सब्जियों को पहले उबाला जाता है और फिर मसालों और अन्य सामग्रियों के साथ भूना जाता है। संतूला का स्वाद आमतौर पर अदरक, लहसुन और पंच फोरन से आता है।
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कनिका- सुगंधित, पीले, मसालेदार, मीठे चावल, जिसे पुरी के जगन्नाथ मंदिर में महाप्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। यह छप्पन भोग का एक हिस्सा है, जो प्रतिदिन भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया जाता है और शुभ अवसरों पर अधिकांश उड़िया रसोई में पकाया जाता है। कनिका को दालमा, सागा, मीठे टमाटर और खजूर की चटनी और छेना बड़ा की सब्जी के साथ बड़े ही चाव से खाया जाता है।
पाखला भात- ओडिशा की एक पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है। यह पके हुए चावल को पानी या दही में भिगोकर और फर्मेंट करके बनाया जाता है। ओडिशा में रथ यात्रा और गर्मियों के दौरान यह भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया जाने वाला एक प्रमुख भोग है।
पोड़ा पीठा- रथ यात्रा पोड़ा पीठा के बिना अधूरी मानी जाती है। उड़िया में पोड़ा का अर्थ है जला हुआ और पीठा का अर्थ है चावल, उड़द दाल या सूजी। यह डिश इन अनाजों और दालों के मिश्रण से बनाई जाती है।
दालमा- उड़ीसा की एक पारंपरिक रेसिपी, दालमा कच्चे पपीते, आलू और मसालों के साथ पकाए गए पौष्टिक छोले से बनाई जाती है। यह भगवान जगन्नाथ को प्रसाद के रूप में भी अर्पित किया जाता है।
खाजा- पुरी में खाजा केवल एक मिठाई नहीं है, इस पवित्र भूमि के सार को बयां करती है- खाजा। चीनी की चाशनी में डूबी हुई यह परतदार, कुरकुरी पेस्ट्री महज एक स्वादिष्ट व्यंजन नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और भक्ति का प्रतीक है।
छेना झिल्ली- छेना झिल्ली ओडिशा राज्य की एक लोकप्रिय मिठाई है। इसे छेना से बनाया जाता है और चीनी की चाशनी में भिगोया जाता है। छेना को छोटे-छोटे सर्पिल आकार में ढालकर सुनहरा भूरा होने तक तला जाता है। यह कुरकुरी और चाशनी में डूबी मिठाई मीठा पसंद करने वालों के लिए एक बेहतरीन व्यंजन है और इसे अक्सर त्योहारों में परोसा जाता है।
रसाबली- रसाबली छेना से बनने वाली ओडिशा की पारंपरिक मिठाई है। पहले छेना को चपटा आकार देकर हल्का तला जाता है, फिर उसे गाढ़े मीठे दूध में डुबोया जाता है। इसका स्वाद रसगुल्ले से अलग और ज्यादा रिच होता है।
ढेंकानाल मगजी- ढेंकानाल मगजी ओडिशा की एक पारंपरिक मिठाई है। इसकी बनावट मुलायम और हल्की दानेदार होती है। यह मिठाई लंबे समय से ढेंकानाल क्षेत्र की खाद्य परंपरा का हिस्सा रही है और त्योहारों व खास मौकों पर बनाई जाती है।
