छठी मैया की पूजा थाली में शामिल कर लें ये जरूरी चीजें, हर चीज का होता है अलग महत्व
Chhath Puja Samagri: उत्तरप्रदेश औऱ बिहार राज्यों में दिवाली के बाद छठ पूजा की धूम देखने के लिए मिलती है। इस मौके पर कुछ चीजों का होना जरूरी होता है।
- Written By: दीपिका पाल
Chhath Puja 2025 Samagri: देश में हर त्योहार का महत्व है। उत्तरप्रदेश औऱ बिहार राज्यों में दिवाली के बाद छठ पूजा की धूम देखने के लिए मिलती है। इस दौरान भक्त निर्जला व्रत रखते हैं और डूबते तथा उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं. यह पर्व घर-परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य की कामना करते है। इस मौके पर कुछ चीजों का होना जरूरी होता है। इन चीजों के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
ठेकुआ: छठ पूजा के दौरान ठेकुआ सूर्य देव और छठी मैया का प्रिय और पारंपरिक प्रसाद माना गया है। यह व्रत आस्था, भक्ति और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर ठेकुआ बनाने की परंपरा होती है। गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बना यह प्रसाद न केवल पारंपरिक है, बल्कि इसे बनाते और बांटते समय लोग प्रेम और एकता की भावना भी महसूस करते हैं।
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गन्ना- छठ पूजा के दौरान गन्ने को सामग्री में रखना जरूरी होता है। छठ पूजा में गन्ने का भी अपना महत्व होता है, क्योंकि यह छठी मैया को प्रिय माना जाता है और उन्हें प्रसन्न करता है। कहते है कि, छठ पूजा में गन्ना रखने से परिवार में मिठास बनी रहती है और छठी मैया की कृपा प्राप्त होती है।
छठ पूजा में पान-सुपारी के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। यहां पर पान-सुपारी पूजा के संकल्प का एक आवश्यक हिस्सा होता है। धार्मिक रूप से कहा जाता है कि, सुपारी में देवी-देवताओं का वास होता है और इसका प्रयोग पूजा को पूर्ण करता है। अगर आप छठ पूजा के दौरान इन चीजों को रखती है तो, अच्छा माना जाता है।
छठ पूजा में गागर नींबू या बड़ा नींबू का भी विशेष महत्व होता है। कहते हैं कि, पूजा में यह प्रकृति के उपहारों में से एक है और सूर्य देव को अर्पित किया जाता है। दरअसल इसे 'डाभ नींबू' के नाम से भी जाना जाता है, जो छठ पूजा की सामग्री में बांस के सूप या डाली में रखा जाता है। भगवान सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए रखते है।
छठ पूजा में नारियल के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है, क्योंकि यह भगवान सूर्य और देवी छठी मैया की पूजा में एक अत्यंत पवित्र और शुभ प्रतीक है. इसे श्रीफल भी कहा जाता है और इसमें त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का वास माना जाता है।
