भारत के इन राज्यों में हरतालिका तीज की रहती है धूम, जानिए यहां की खास परंपराओं के बारे में
Hartalika Teej 2025: यह व्रत कई मनोरथों को पूर्ण करने वाला होता है जिसे सुहागिन महिलाएं और कन्याएं रखती है। भारत के कई हिस्सों में हरतालिका तीज व्रत को रखा जाता है जिसके अलग-अलग नाम होते है।
- Written By: दीपिका पाल
Hartalika Teej 2025 Celebration: देशभर में हरतालिका तीज व्रत 25 अगस्त को रखा जाने वाला है। यह व्रत कई मनोरथों को पूर्ण करने वाला होता है जिसे सुहागिन महिलाएं और कन्याएं रखती है। भारत के कई हिस्सों में हरतालिका तीज व्रत को रखा जाता है जिसके अलग-अलग नाम होते है। यह तीज व्रत की क्या परंपराएं है चलिए जानते है इसके बारे में...
राजस्थान में हरतालिका तीज व्रत का खास महत्व होता है। इस व्रत के मौके पर राजस्थान की परंपरा निभाई जाती है औऱ महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनती हैं, साथ ही मंदिरों में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। पूजा करने के साथ ही कई नियमों का पालन करना जरूरी होती है।
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बिहार- हरतालिका तीज व्रत का महत्व इस राज्य में बेहद खास होता है और धूमधाम के साथ यह उत्साह मनाया जाता है। इस व्रत के मौके पर बिहार में बाबा गरीबनाथ मंदिर, वैद्यनाथ मंदिर, महेन्द्रनाथ मंदिर में कई पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं। भगवान भोलेनाथ की पूजा का खास महत्व होती है।
महाराष्ट्र- हरतालिका तीज व्रत का महत्व इस राज्य में खास होता है। तीज व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं और कन्याओं द्वारा पूजा की जाती है। इस तीज व्रत में मिट्टी से भगवान गणेश, भोलेनाथ और पार्वती प्रतिमा भी बनाई जाती हैं।
झारखंड- हरतालिका तीज व्रत का उत्साह इस राज्य में देखने के लिए मिलता है। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने के साथ ही नियमों का पालन किया जाता है। इस राज्य में महिलाएं झूला झूलती है औऱ साथ ही गीत गाती है। तीज व्रत के दिन कई मंदिरों में खासा उत्साह देखने के लिए मिलता है सब नाचते और गाते है।
गुजरात- हरतालिका तीज व्रत का खास उत्साह इस राज्य में भी होता है। यहां पर महिलाएं तीज व्रत के दिन पूजा स्थल को फूल और दीपक से सजाती हैं। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियों को भी सजाया जाता है। तीज व्रत के मौके पर महिलाएं मिलकर पारंपरिक गरबा और डांडिया करती है। इस व्रत के मौके पर दही-चूड़ा, कचोरी और मिठाई डिश तैयार की जाती है।
हरियाणा में हरतालिका तीज का मौका खास होता है। इस दिन राज्य में छुट्टी रहती है और यहां कॉलोनी और मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। हरियाणा में व्रत के दौरान महिलाएं गीत-नृत्य’ करती हैं और व्रत की खुशी को मनाती हैं। खासतौर से गांवों में महिलाएं सामूहिक रूप से व्रत की पूजा करती हैं।
उत्तरप्रदेश- यहां की धार्मिक नगरी कही जाने वाली वाराणसी में हरतालिका तीज का खास महत्व होता है। इस व्रत के मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं इकट्ठा होकर पूजा पाठ करती हैं। यहां पर भी सुहागन महिलाएं 24 घंटे जल और भोजन का त्याग करती हैं। व्रत के मौके पर पूजा विधान के अलावा विशेष तरह का भोग लगाया जाता है। व्रत के मौके पर घर-घर में गुजिया, मालपुआ, नारियल के लड्डू और आटे का हलवा बनाने की परंपरा है।
दक्षिण भारत में हरतालिका तीज व्रत का खास मौका होता है। इस व्रत को कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में इसे गौरी हब्बा के नाम से जानते हैं। पूजा के अलावा भोग में रेवड़ी, चिवड़ा, और अन्य पारंपरिक मिठाइयां बनाकर भोग लगाई जाती है।
