चैत्र नवरात्रि के पावन दिनों में अक्सर भक्त उत्साह के साथ व्रत रखते हैं लेकिन खाली पेट बार-बार चाय पीने से एसिडिटी, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं घेर लेती हैं। ज्यादातर लोग व्रत के दौरान भूख मिटाने या सिरदर्द दूर करने के लिए दिन में कई बार चाय का सहारा लेते हैं। खाली पेट चाय पीने से पेट में जलन बढ़ती है और शरीर डिहाइड्रेटेड हो जाता है जिससे चक्कर आने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम कुछ हेल्दी विकल्पों को चुनें जो शरीर को पोषण और ठंडक दोनों दें।
नारियल पानी: सुबह की शुरुआत नारियल पानी से करना सबसे बेहतरीन विकल्प है। यह पोटेशियम और खनिजों से भरपूर होता है जो शरीर के पीएच लेवल को संतुलित रखता है। व्रत में होने वाली डिहाइड्रेशन और कमजोरी को दूर करने में यह सबसे कारगर है।
छाछ या नमकीन लस्सी: अगर आप व्रत में सेंधा नमक का सेवन करते हैं तो पुदीने और भुने जीरे वाली छाछ आपके लिए वरदान है। यह न केवल पाचन तंत्र को शांत रखती है बल्कि पेट की गर्मी और गैस को भी तुरंत खत्म करती है।
फ्रेश फ्रूट स्मूदी: केला, सेब या चीकू को दूध और थोड़े से ड्राई फ्रूट्स के साथ ब्लेंड करके स्मूदी तैयार करें। इसमें मौजूद नेचुरल शुगर और फाइबर आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगने देंगे और शरीर को इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करेंगे।
नींबू पानी और शहद: कैफीन की जगह गुनगुने पानी में नींबू और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं। यह ड्रिंक शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। इससे सिरदर्द की समस्या में भी काफी राहत मिलती है।
साबूदाना शेक या ठंडाई: बादाम, पिस्ता और केसर से बनी ठंडाई (बिना किसी कृत्रिम रंग के) शरीर को अंदरूनी ठंडक देती है। साबूदाना को दूध के साथ पकाकर ठंडा करके पीने से भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है।
व्रत का अर्थ केवल भूखा रहना नहीं बल्कि शरीर की शुद्धि करना है। चाय और कॉफी की मात्रा कम करके पर्याप्त पानी पिएं। यदि आपको शुगर या बीपी की समस्या है तो कोई भी नया ड्रिंक डाइट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।