ओडिशा सरकार ने आर्मी ऑफिसर और उनकी मंगेतर को दी सुरक्षा, मिल रही थी धमकियां
ओडिशा सरकार ने सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर को सुरक्षा मुहैया कराई है। पीड़िता का भरतपुर पुलिस थाने में हिरासत के दौरान कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था। इस मामले के बाद दोनों को धमकियां मिल रही थी।
- Written By: रीना पंवार
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
भुवनेश्वर : बीते दिनों भरतपुर पुलिस थाने में हिरासत के दौरान सैन्य अधिकारी से मारपीट और उनकी मंगेतर से कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के मामले में ओडिशा सरकार ने दोनों को सुरक्षा मुहैया कराई है। भरतपुर पुलिस थाने में हिरासत के दौरान महिला का यौन उत्पीड़न किया गया था। इस मामले में थाने के पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया।
भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार के निर्णय के बाद दोनों के लिए निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) तैनात किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि सेना अधिकारी और उनकी मंगेतर शहर में कहीं भी जाएंगे तो पीएसओ उनके साथ-साथ रहेंगे।
पीड़ितों के परिजनों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
ओडिशा सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब सैन्य अधिकारी, उनकी मंगेतर और उनके पिता तथा कुछ पूर्व सैन्यकर्मियों ने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से मुलाकात की थी। पीड़िता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कहा कि इस मामले के कारण उसे धमकियां दी जा सकती हैं। हालांकि मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद महिला ने कहा कि अब वह राहत महसूस कर रही हैं और उम्मीद करती हैं कि उन्हें न्याय मिलेगा।
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क्या है पूरा मामला ?
पश्चिम बंगाल में तैनात सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर ने 15 सितंबर को भरतपुर पुलिस थाने में रोड रेज की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ स्थानीय युवकों द्वारा उन्हें कथित तौर पर परेशान किया गया। इस दौरान शिकायत दर्ज कराते हुए उन दोनों का थाने में पुलिस कर्मियों के साथ भी विवाद हो गया। दोनों ने आरोप लगाए कि थाने में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर उनसे मारपीट की और महिला का उत्पीड़न भी किया गया। इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने हिरासत के दौरान महिला से कथित यौन उत्पीड़न के लिए पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है तथा घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
(एजेंसी इनरपुट के साथ)
