कटक के मेडिकल कॉलेज में आग (Image- Social Media)
Odisha Hospital Fire News: ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार सुबह एक भयंकर अग्निकांड हुआ, जिसमें 10 मरीजों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। आग लगने के बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य भी चलाया गया, जिसके तहत आईसीयू में भर्ती मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। आग की वजह से आईसीयू में धुआं फैल गया, जिससे वहां भर्ती गंभीर मरीजों की हालत और बिगड़ गई। आग के कारण 23 मरीजों में से सात की मौत हो गई।
बाद में इलाज के दौरान तीन और मरीजों ने दम तोड़ दिया, जिससे कुल मृतकों की संख्या 10 हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि मरीजों को बचाने के दौरान अस्पताल के कई कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ-साथ राहत कार्य भी किया। अस्पताल परिसर में पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात हैं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता नवीन पटनायक ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने राज्य सरकार से घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की अपील भी की।
वहीं, राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने भी इस दर्दनाक घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि ट्रॉमा केयर आईसीयू में लगी आग की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने प्रभावित मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और इलाज जारी रखने के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और प्रशासन को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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यह हादसा ओडिशा के स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है और राज्य सरकार को भविष्य में अस्पतालों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की खामियों को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।