

Odisha Cuttack Violence: ओडिशा का ऐतिहासिक शहर कटक दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई हिंसा की आग में झुलस रहा है। शनिवार देर रात डीजे की तेज आवाज को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष में बदल गया। शोभायात्रा पर छतों से जमकर पत्थरबाजी हुई और बोतलें फेंकी गईं, जिसमें कटक के डीसीपी समेत कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद शहर में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं, जिसके चलते प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है।
हिंसा की शुरुआती चिंगारी शनिवार रात करीब डेढ़ बजे भड़की, जब विसर्जन का जुलूस काठजोड़ी नदी की ओर बढ़ रहा था। कुछ स्थानीय लोगों ने तेज संगीत पर आपत्ति जताई, जिसके बाद बहस शुरू हो गई। जल्द ही इस बहस ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने घरों की छतों से जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई वाहन और सड़क किनारे लगे स्टॉल क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन तब तक माहौल में जहर घुल चुका था।
हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया, जिसमें कुछ लोगों की मौत की झूठी खबरें भी फैलाई गईं। इन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कटक में 24 घंटे के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। पुलिस कमिश्नर सुरेश देबदत्ता सिंह ने साफ किया कि झड़प में किसी की मौत नहीं हुई है और घायल हुए लोगों को मामूली चोटें आई हैं। इस बीच, विश्व हिंदू परिषद ने घटना के विरोध में 6 अक्टूबर को 12 घंटे के कटक बंद का आह्वान किया है, जिससे तनाव और बढ़ने की आशंका है।
बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने कटक के 13 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना पर दुख जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कटक भाईचारे का शहर है और उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।