आधी रात फिर सुलगा मणिपुर, चुराचांदपुर में कुकी नेता के घर पर पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

Manipur News: मणिपुर में सामुदायिक अविश्वास के बीच एक और टकराव सामने आया, जहां सुरक्षाबलों को भीड़ नियंत्रण के लिए कार्रवाई करनी पड़ी. हाल की वार्ता के बावजूद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
Manipur is burning again
पाइल फोटो( इमेज-सोशल मीडिया)
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Manipur Violence: मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में रविवार को हालात उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गए, जब उग्र युवाओं की भीड़ ने कुकी समुदाय के एक प्रमुख नेता के घर पर हमला करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना जिला मुख्यालय में हुई, जहां बड़ी संख्या में युवक कुकी-ज़ो काउंसिल के अध्यक्ष एच. थांगलेट के घर के बाहर जमा हो गए। भीड़ ने नारेबाजी के साथ पथराव किया और घर के परिसर में घुसने की कोशिश की। हालांकि, पहले से अलर्ट सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई कर हालात पर काबू पा लिया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया।

एक दिन पहले हुई थी बैठक

गौरतलब है कि यह घटना वाई. खेमचंद सिंह और कुकी-ज़ो काउंसिल के बीच गुवाहाटी में हुई “सद्भावना बैठक” के एक दिन बाद सामने आई। इस बैठक में करीब पौने दो घंटे तक दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली को लेकर चर्चा हुई थी, जिसे काउंसिल ने “आइस-ब्रेकिंग सेशन” बताया था।

मुख्यमंत्री सचिव ने लिखा था पत्र

इस हफ्ते की शुरुआत में मुख्यमंत्री के सचिव ने केजेडसी के अध्यक्ष हेनलियानथांग थांगलेट को पत्र लिखकर गुवाहाटी में उनसे और केजेडसी के अन्य सदस्यों से मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने से संबंधित मामलों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक का अनुरोध किया। थांगलेट ने कहा कि अगर बीरेन सिंह मुख्यमंत्री होते तो हम बैठक में शामिल नहीं होते। नई सरकार बनने के कारण हम आए।

मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद इसी साल फरवरी में खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार बनी। ताजा घटना के बाद चुराचांदपुर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

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