पीएम मोदी। इमेज-सोशल मीडिया
Pm Modi Latest News : असम की राजधानी गुवाहाटी में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। पुलवामा हमले की बरसी पर शहीदों को नमन करते हुए पीएम ने साफ संदेश दिया कि आज का नया भारत दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देना जानता है। उन्होंने न केवल देश की बढ़ती सैन्य शक्ति का जिक्र किया, बल्कि कांग्रेस को विभाजनकारी राजनीति का नया चेहरा करार देते हुए एक नया नाम भी दे दिया।
गुवाहाटी में नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ कंक्रीट की एक पट्टी नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी सीमाओं को सशक्त कर रहा है। पुलवामा हमले के बाद भारत ने आतंकियों को जो सजा दी, उसे पूरी दुनिया ने देखा है और कुछ लोग तो उस डर से आज भी कांप रहे हैं। उन्होंने हालिया ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए भारत की बढ़ती वैश्विक और सैन्य शक्ति का लोहा मनवाया।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की विचारधारा पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस का नाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश के बंटवारे की साजिश रची थी, आज की कांग्रेस उसी राह पर चलते हुए देश को बांटने में जुट गई है। पीएम ने कहा कि आज की कांग्रेस उन लोगों को कंधे पर बैठाती है जो देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं और पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं। उन्होंने जनता को इस नई कांग्रेस से सावधान रहने की चेतावनी दी।
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असम के इतिहास का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक कांग्रेस ने इस राज्य को बम, बंदूक और कर्फ्यू के साये में रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति ने असम के विकास को वर्षों पीछे धकेल दिया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस के समय दिल्ली की योजनाएं असम पहुंचने में सालों लगा देती थीं, क्योंकि उनकी प्राथमिकता सिर्फ तुष्टीकरण थी, लेकिन एनडीए सरकार ने असम में शांति बहाली को संकल्प बनाया है, यही वजह है कि जिस असम में कभी बम धमाके गूंजते थे, वहां आज विकास की लहर है। प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल विकास कार्यों का लेखा-जोखा था, बल्कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए कांग्रेस के खिलाफ एक बड़ा वैचारिक मोर्चा खोलने जैसा भी नजर आया।